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Corona की दो अलग वैक्‍सीन लग सकेंगी, ट्रायल को मिली मंजूरी

अब कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) की मिश्रित खुराक को शामिल करने के लिए सरकार ने वैज्ञानिक अध्‍ययन को मंजूरी दे दी है.

Written By : कर्मराज मिश्रा | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 30 Jul 2021, 08:41:32 AM
Corona Vaccine

कई देशों में मिश्रित वैक्सीन का हो चुका है सफल परीक्षण. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • कोरोना वैक्‍सीन की मिश्रित खुराक के वैज्ञानिक अध्‍ययन को मंजूरी
  • कोविशील्ड और कोवैक्सीन के साथ भारत बायोटेक का होगा ट्रायल
  • कई देशों में मिश्रित वैक्सीन के मिले हैं सकारात्मक परिणाम

नई दिल्ली:

एक बार फिर दुनिया के तमाम देशों समेत भारत के केरल सरीखे राज्यों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले पेशानी पर चिंता की लकीरें खींच रहे हैं. यही वजह है कि इससे बचने के लिए कोरोना गाइडलाइंस (Corona Guidelines) का पालन करने समेत वैक्सीन लगवाने पर जोर दिया जा रहा है. इस कड़ी में अब कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) की मिश्रित खुराक को शामिल करने के लिए सरकार ने वैज्ञानिक अध्‍ययन को मंजूरी दे दी है. यानी जल्‍द ही एक इंसान को दो अलग-अलग वैक्‍सीन की खुराक दी जा सकेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक सामने आए अन्य चिकित्सीय अध्ययनों में वैक्‍सीन के मिश्रण को लेकर काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल चुके हैं.

इन वैक्सीन के ट्रायल को मिली मंजूरी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक विशेषज्ञ कार्य समिति (एसईसी) की बैठक में कोविशील्ड और कोवैक्‍सीन के मिश्रित खुराक के साथ ही नाक में दी जाने वाली भारत बायोटेक की वैक्‍सीन पर अध्‍ययन को मंजूरी दे दी गई है. इसके साथ ही जल्‍द ही देश के अलग-अलग अस्‍पतालों में दो वैक्‍सीन के मिश्रण से जुड़ा अध्ययन देखने को मिल सकता है. एसईसी से जुड़े सदस्‍यों ने बताया कि कई देशों में एक ही इंसान को दो कोरोना वैक्‍सीन दी जा चुकी है और इसके काफी बेहतर परिणाम सामने आए हैं.

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कई देशों में आए हैं बेहतर परिणाम
समिति के सदस्‍यों से मिली जानकारी के मुताबिक सीएमसी वैल्लोर के विशेषज्ञों से मिश्रित खुराक को लेकर प्रस्ताव भी मिला लेकिन अभी तक इस अध्‍ययन को मंजूरी नहीं दी गई थी. कई देशों में दो कोरोना वैक्‍सीन पर हुए परीक्षण के बाद जिस तरह के परिणाम देखने को मिले हैं उसके बाद भारत में इस पर अध्‍ययन को मंजूरी दे दी गई है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अध्ययन के बेहतर परिणाम मिलने के बाद इसे टीकाकरण में शामिल कर लिया जाएगा. एक अनुमान के मुताबिक इस अध्‍ययन को पूरा होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है.

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दो अलग वैक्सीन के विपरीत प्रभाव नहीं
गौरतलब है कि कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन की मिश्रित खुराक का अभी तक कोई भी विपरीत प्रभाव देखने को नहीं मिला है. उत्‍तर प्रदेश में गलती से एक शख्‍स को दो अलग-अलग वैक्‍सीन की डोज दे दी गई थी. इसके बाद डॉक्‍टरों ने उस शख्‍स पर नजर रखी. पाया गया कि वह शख्‍स पूरी तरह से स्‍वस्‍थ है और उसे किसी भी तरह की कोई दिक्‍कत नहीं है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वैज्ञानिक अध्ययन में कोरोना वायरस और एडिनो वायरस से बनीं दो अलग-अलग वैक्सीन एक शरीर में जाकर समान असर दिखाएंगीं.

First Published : 30 Jul 2021, 08:39:48 AM

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