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फडणवीस ही नहीं उद्धव ठाकरे और शरद पवार के साथ भी दिखा है रियाज भाटी

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने प्रेसवार्ता कर फडणवीस के आरोपों पर पलटवार किया। दाऊद इब्राहिम का करीबी रियाज भाटी को लेकर उन्होंने पूर्व सीएम के अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन बताए हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Mohit Saxena | Updated on: 10 Nov 2021, 12:38:38 PM
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उद्धव ठाकरे के साथ रियाज भाटी. (Photo Credit: twitter)

नई दिल्ली:  

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने प्रेसवार्ता कर फडणवीस के आरोपों पर पलटवार किया है. बुधवार को उन्होंने कई आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सीएम के अंडरवर्ल्ड कनेक्शन हैं. मलिक के अनुसार दाऊद इब्राहिम का करीबी रियाज भाटी दो पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार हुआ था. उन्होंने कहा कि जिस आदमी को दो पासपोर्ट के साथ पकड़ा जाए, उसे दो दिनों में ही जमानत मिल जाती है. वह भाजपा के कार्यक्रमों में अकसर देखाई देता था. सीएम देवेंद्र फडणवीस की डिनर टेबल पर भी दिखाई दिया था. इतना ही नहीं फडणवीस की मदद से ही रियाज भाटी पीएम के कार्यक्रम तक पहुंच गया था. इस तरह के दावे मलिक फडणवीस के साथ रियाज की तस्वीरों के आधार पर कर रहे हैं. मगर रियाज की कई तस्वीरें अन्य पार्टी के नेताओं के साथ भी देखी गई हैं. इन तस्वीरों को देखकर लगता है कि रियाज की राजनीतिक हस्तियों के साथ गहरी जान पहचान है.

                                       

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आरोपों पर नवाब मलिक ने बुधवार को यानी आज प्रेसवार्ता आयोजित कर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सारे अंडरवर्ल्ड कनेक्टेड लोगों को आपने सीएम रहते हुए अध्यक्ष क्यों बनाया? उन्होंने कहा कि मुन्ना यादव नाम का एक व्यक्ति, जिसपर हत्या के मामले दर्ज हैं उस मुन्ना यादव को आपने कंस्ट्रक्शन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया था? क्या आपकी गंगा में मुन्ना यादव नहाकर पवित्र हो गया था? 

नवाब मलिक ने आरोप लगाया है कि जब आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी हुई, तब पीएम  मोदी ने कहा कि नोटबंदी इसलिए की जा रही थी कि आतंकवाद और कालाधन बंद होगा। बड़े पैमाने पर जाली नोट खत्म करने के लिए नोटबंदी हुई है। हर राज्य में जाली नोट पकड़े जाने लगे, लेकिन आठ अक्तूबर 2017 तक महाराष्ट्र में जाली नोट का एक भी मामला सामने नहीं आया। इस मामले में देवेंद्र फडणवीस के संरक्षण में जाली नोट का खेल महाराष्ट्र में चल रहा था। आठ अक्तूबर 2017 को एक छापेमारी में 14 करोड़ 56 लाख से अधिक जाली नोट पकड़े गए थे। उस मामले को देवेंद्र फडणवीस ने रफा-दफा करने का काम किया।

समीर वानखेड़े के पास जाली नोटों का मामला 

नवाब मलिक के अनुसार जब जाली नोट का मामला सामने आया तब समीर वानखेड़े ही इस मामले की जांच में लगे थे। यह इत्तेफाक है, लेकिन एक ही अधिकारी हर बार कैसे? इस मामले की कड़ी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समीर वानखेड़े, देवेंद्र फडणवीस का नजदीकी है। ऐसे में उसे बचाने का प्रयास जारी है। डीआरआई ने मुंबई में जाली नोट के खिलाफ छापेमारी करी थी। मामले को कमजोर करने के लिए समीर वानखेड़े के जरिए मदद की गई थी।

नवाब मलिक ने कहा कि कल देवेंद्र फडणवीस ने मुझ पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने मुजरिम और अंडरवर्ल्ड के लोगों से जमीन खरीदी. उन्होंने कहा कि जिस सलीम पटेल से मैंने जमीन खरीदी उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी. शाह वली खान तब (मुंबई बम ब्लास्ट मामला) दोषी करार नहीं दिया गया था, वो इस मामले में आरोपी था. आपने कहा था कि मैं उस वक्त मंत्री था. मगर तब मंत्री नहीं था.’

निर्दोष लोगों को ड्रग्स मामले में फंसा रहे 

नवाब मलिक ने प्रश्न किया ​कि ‘NCB के भ्रष्ट अधिकारी निर्दोष लोगों को फंसाने और उनसे पैसे उगाही का खेल कर रहे हैं, फडणवीस उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं. आर्यन खान को किसके कहने पर पकड़ा गया? बेटे को बचाने के लिए वसूली मांगी गई तो पैसे देना गुनाह नहीं होगा. मैं कहता हूं कि शाहरुख खान को भी आगे आना चाहिए, वे बताएं कि उनसे कितनी वसूली की गई. वसूली करने वाले गुनाहगार हैं. बेटे को बचाने के लिए पैसे देना गुनाह नहीं है.’

 

First Published : 10 Nov 2021, 12:13:37 PM

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