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राज्यसभा में NPR पर बोले गृहमंत्री अमित शाह, कहा- किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं

राज्यसभा में NPR पर बोले गृहमंत्री अमित शाह, कहा- किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 13 Mar 2020, 05:26:05 PM
amit shah npr rajya sabha

अमित शाह राज्यसभा में (Photo Credit: एएनआई)

नई दिल्‍ली:

गृह मंत्री अमित शाह (Amit shah) ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि दिल्ली हिंसा के सिलसिले में किसी भी व्यक्ति के साथ कोई पक्षपात नहीं किया जाएगा और दंगा करने वाला व्यक्ति किसी भी धर्म या पार्टी का होगा, उसको नहीं छोड़ा जाएगा. दिल्ली दंगों पर जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि, मैं फिर से दोहरा रहा हूं कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के लिए किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी. पूछी गई सभी जानकारी वैकल्पिक है. किसी को भी एनपीआर की प्रक्रिया से डरने की जरूरत नहीं है. इसमें कोई भी 'डी' (संदिग्ध) श्रेणी नहीं होगी.

गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि, मैं एक बार फिर से अपने मुस्लिम भाइयों और बहनों को दोहराता हूं कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के मुद्दे पर गलत प्रचार किया जा रहा है. यह अधिनियम किसी की नागरिकता लेने के लिए नहीं है, बल्कि नागरिकता देने के लिए है. शाह ने आगे कहा कि यह सरकार के ऊपर निर्भर है कि वो आपको इस बात की जानकारी दे या न दे इसको लेकर आप लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है. 

शाह ने दिल्ली दंगों पर उच्च सदन में विपक्ष को दिया जवाब
शाह ने उच्च सदन में दिल्ली के कुछ भागों में हाल की कानून और व्यवस्था की स्थिति पर हुयी चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार दंगों से जुड़े मामलों की वैज्ञानिक, प्रामाणिक तरीके से जांच कर रही है. मामलों की तेजी से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि दंगा करने वाला व्यक्ति किसी भी पक्ष, किसी धर्म, किसी पार्टी या किसी जाति का हो, उसको छोड़ा नहीं जाएगा एवं किसी के साथ कोई पक्षपात नहीं किया जाएगा. शाह ने दिल्ली हिंसा को लेकर संसद में सरकार के चर्चा से भागने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस अपना काम ठीक से कर सके, लोगों को उनके स्थानों पर फिर से बसाने के लिए, घायलों के उपचार के लिए और दंगाइयों को पकड़ा जा सके, इसलिए चर्चा का समय मांगा गया.

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दिल्ली दंगों के बाद 2647 लोग गिरफ्तार किए गएः शाह
उन्होंने कहा कि दंगों के बाद 700 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं. उन्होंने कहा कि जिसने भी प्राथमिकी के लिए कहा, उसकी शिकायत दर्ज की गयी. पुलिस ने किसी को भी मना नहीं किया. उन्होंने कहा कि 12 थानों के लिए विशेष अभियोजक नियुक्त किये गये हैं. शाह ने कहा कि 2647 लोगों को गिरफ्तार किया गया है या हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने विज्ञापन देकर जनता से इन घटनाओं से जुड़े वीडियो और फुटेज मांगे थे. उन्होंने कहा कि वीडियो में लोगों की पहचान के लिए आधार कार्ड का उपयोग नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस को यह अधिकार मिलना चाहिए कि जिसने दंगा किया, उसके बारे में वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत में पेश किए जा सकें. उन्होंने कहा कि 1922 चेहरों एवं व्यक्तियों की पहचान कर ली गयी है. 

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दंगों में जब्त किए गए 125 हथियारः अमित शाह
उन्होंने कहा कि 24 फरवरी को ही उत्तर प्रदेश की सीमा को सील कर दिया गया था. लोकतांत्रिक देश में दो देशों की सीमा की तरह दो राज्यों की सीमा को सील नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि 50 गंभीर मामलों की जांच तीन एसआईटी करेगी. इनको डीआईजी एवं आइजी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में किया जाएगा. शाह ने कहा कि दंगों में इस्तेमाल किये गये 125 हथियार जब्त किये गये हैं. दोनों संप्रदायों के लोगों की अमन समितियों की 321 बैठक कर दंगे रोकने का प्रयास किया गया. 

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40 से अधिक टीमों का गठन कर संलिप्त लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी दी गयी है. उन्होंने कहा कि 24 तारीख के पहले ही हमारे पास यह सूचना आ चुकी थी कि विदेश और देश से आये गये पैसे दिल्ली में बांटे गए. इस संबंध में दिल्ली पुलिस जल्द ही घोषणा करेगी. पुलिस ने इस संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई भी बच नहीं सकता. उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें पाताल से भी ढूंढ कर लायेंगे और कानून के सामने खड़ा करेंगे.’ 

First Published : 12 Mar 2020, 07:26:19 PM

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