केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने देश की बढ़ती आबादी को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिससे विवाद पैदा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक 'खास समुदाय' की जनसंख्या बढ़ती जा रही है, जबकि हिन्दुओं की आबादी गिर रही है। उन्होंने चेताया कि अगर इसी तरह जारी रहा तो एक बार फिर देश को विभाजन का सामना करना पड़ सकता है। यूपी के अमरोहा में एक कार्यक्रम में गिरिराज ने कहा कि अगर इसी तरह एक 'खास समुदाय' की जनसंख्या बढ़ती रही तो देश में न विकास होगा और न ही किसी तरह की सामाजिक समरसता बचेगी।
गिरिराज सिंह ने कहा, 'वर्ष 1947 में देश की जनसंख्या 33 करोड़ थी जो कि अब बढ़कर 136 से 141 करोड़ के बीच पहुंच गई है. अगर बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए कानून नहीं बनाया गया तो समाज में ना तो सौहार्द रहेगा और ना ही सीमित संसाधनों के चलते देश में विकास हो सकेगा.'
उन्होंने कहा कि, 'मैं इसलिए परेशान हूं क्योंकि मैं भी इसी देश का नागरिक हूं.' अगर देश की जनसंख्या इसी तरह बढ़ती रही तो आज से 20-25 साल बाद यहां संयुक्त भारत के नाम पर भी लड़ाई होगी.
जनसंख्या नियंत्रण कानून का पुरजोर समर्थन करते हुए गिरिराज ने कहा कि अगर इसी तरह जारी रहा तो 1947 में जिस तरह भारत के दो टुकड़े हो गए थे और पाकिस्तान अस्तित्व में आया, उसी तरही की परिस्थति का सामना देश को एक बार फिर 2047 में करना पड़ सकता है।
कार्यक्रम में VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि भारत के कुछ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैंं। वहीं एनयूसी अध्यक्ष आमिर रशीदी मदनी ने कहा, मुसलमानों की आबादी 70 साल में सिर्फ 7 करोड़ बढ़ी, तो इसमें क्या मुसीबत आ गई।
इसके अतिरिक्त बीजेपी नेता प्रेम शुक्ला ने कहा, 1951 में भारत की आबादी 3.9 करोड़ थी, आमिर रशीदी मदनी ने झूठ बोला, मुसलमानों की आबादी में 6 गुना वृद्धि हुई है।
कार्यक्रम में मौलाना अब्दुल हमीद नोमानी ने कहा, बीजेपी भय की राजनीति कर रही है, मुसलमानों की जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आई है, मुसलमानों की वृद्धि दर 6 फीसदी है और हिंदुओं की वृद्धि दर 8 फीसदी है।
Source : News Nation Bureau
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