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नए आतंकी संगठन PAFF ने वीडियो जारी कर पुंछ हमले की जिम्मेदारी ली  

PAFF (पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट) आतंकवादी समूह ने पुंछ गन-बैटल डे 1 नामक एक वीडियो जारी किया है. यह वीडियो आठ मिनट का है. इस वीडियो में एक कश्मीरी आतंकवादी को 11 अक्टूबर को सुरनकोट के पास हुए हमले में 5 भारतीय सैनिकों के शहीद होने की बात कर रहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Vijay Shankar | Updated on: 19 Oct 2021, 08:08:52 AM
indian army

indian army (Photo Credit: File Photo)

highlights

  • कश्मीरी भाषा में एक आतंकी ने जारी किया यह वीडिया
  • आठ मिनट के इस वीडियो में हमले की बात कर रहा है आतंकी
  • सुरनकोट के पास हुए हमले में 5 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे

 

श्रीनगर :

PAFF (पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट) आतंकवादी समूह ने "पुंछ गन-बैटल डे 1" नामक एक वीडियो जारी किया है. यह वीडियो आठ मिनट का है. इस वीडियो में एक कश्मीरी आतंकवादी को 11 अक्टूबर को सुरनकोट के पास हुए हमले में 5 भारतीय सैनिकों के शहीद होने की बात कर रहा है. टेलीग्राम ऐप पर कई चैनलों पर साझा किए गए इस वीडियो में एक व्यक्ति कश्मीरी बोली में 11 अक्टूबर के आसपास की घटनाओं को बता रहा है जिस दिन मुठभेड़ शुरू हुई थी. हालांकि, सेना के एक सूत्र ने इस वीडियो को प्रचार पाने का एक घटिया तरीका बताया है. 

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वीडियो के जरिये कश्मीरी आतंकवादी का दावा है कि भारतीय सैनिकों का एक गश्ती दल जंगल में आराम कर रहा था. शाम तक 4 से 5 सैनिक भी उनके साथ शामिल हो गए. सैनिकों ने लगभग रात के 10 बजे झपकी लेने का फैसला किया और 2-3 लोगों को वहीं छोड़ दिया. ड्यूटी पर तैनात जवान ने अगले कुछ घंटे तक झपकी ले रहे थे. आतंकवादी आगे दावा करता है कि "एक घंटे के बाद वह देखने के लिए करीब गया. अंत में तीन सैनिकों और तंबू में सो रहे लोगों पर घात लगाकर हमला किया गया. उनका दावा है कि तम्बू से भागने वाले को छोड़कर सभी मारे गए. यह स्पष्ट नहीं है कि भागने वालों को गोली लगी थी या नहीं. वीडियो में दावा किया गया है कि दो अज्ञात आतंकवादियों ने अगले दिन (11 अक्टूबर) सुबह अपने डेरे पर घात लगाने से पहले लगभग 10 घंटे तक सेना के एक गश्ती दल को ट्रैक किया था.

आतंकवादियों का दावा है कि वे हरजीत सिंह के रूप में पहचाने जाने वाले सेना के सिपाही का एक बैग ले गए, जिसमें हाथ से लिखा पहचान पत्र, इंस्टेंट नूडल्स का पैकेट, वेफर्स और एक ग्रूमिंग किट था. हालांकि, सेना के एक सूत्र ने इस वीडियो को प्रचार पाने का एक घटिया तरीका बताया है. सूत्र ने कहा कि सिपाही हरजीत सिंह जीवित था और उसके पास उसका आई-कार्ड भी था. 11 अक्टूबर की घटना में शहीद हुए जवानों की पहचान जसविंदर सिंह, मनदीप सिंह, गज्जन सिंह, सराज सिंह और वैशाख एच के रूप में हुई थी. सेना ने ट्वीट किया कि जनरल एमएम नरवने जम्मू क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें GOC व्हाइट नाइट कॉर्प्स सुरक्षा स्थिति और ऑपरेशन संबंधी तैयारियों से अवगत कराया जाएगा. 

First Published : 19 Oct 2021, 08:02:52 AM

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