News Nation Logo

BREAKING

अमेरिकी मानवाधिकार प्रकाशस्तंभ के नीचे छाया : मुसलमानों के खिलाफ गंभीर भेदभाव

अमेरिकी मानवाधिकार प्रकाशस्तंभ के नीचे छाया : मुसलमानों के खिलाफ गंभीर भेदभाव

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 20 Jul 2021, 06:40:01 PM
new from

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

बीजिंग: अमेरिका खुद को मानवाधिकार प्रकाशस्तंभ के रूप में मानता है और अक्सर मानवाधिकारों की रक्षा के बैनर तले अन्य देशों पर उंगली उठाता है और प्रचंड दमन करता है। लेकिन तथ्य यह है कि अमेरिका मुसलमानों के खिलाफ गंभीर भेदभाव करता है और क्रूर उत्पीड़न करता है। कहा जा सकता है कि कलंकित मानवाधिकार प्रकाशस्तंभ का प्रभामंडल तेजी से धुंधला हो रहा है। अमेरिका का अपने देश में गंभीर मुस्लिम भेदभाव की समस्या को हल करने का न तो इरादा है और न ही क्षमता भी है। वह मानवाधिकारों की आड़ में विदेशों में हस्तक्षेप करता है, जानबूझकर संघर्षों को भड़काता है, और घृणा फैलाता है। वह अन्य देशों के आंतरिक मामलों में बिना किसी सीमा के हस्तक्षेप करते हुए मुस्लिम समुदाय को जोखिम में डालता है। अमेरिका देश और विदेशों में मुसलमानों से भेदभाव करता है, जिससे अमेरिकी मानवाधिकार के पाखंड को उजागर किया गया।

11 सितंबर की घटना को लगभग दो दशक बीत चुके हैं। अमेरिकी मुसलमान अभी भी कलंक और हाशियाकरण के शिकार हैं, जो भय, धमकी और अस्वीकार्य निगरानी से पीड़ित हैं। अमेरिका में मुसलमानों के खिलाफ घृणा अपराध उच्च स्तर पर कायम हैं। 2018 में अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में मुस्लिम विरोधी कथन तेजी से बढ़ गये और राजनीतिज्ञों की मदद से मुसलमानों के खिलाफ साजिश राजनीतिक मुख्यधारा में प्रवेश कर गयी। 2018 में अमेरिकी इस्लामी संबंध समिति द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 2016 से अमेरिका में मुस्लिम विरोधी समूहों की संख्या तीन गुना हो गई।

दुनिया में मुसलमानों पर प्रतिबंध जारी करने वाले एकमात्र देश के रूप में, हालांकि अमेरिका नस्लीय विविधता, सहिष्णु और खुली अंतरराष्ट्रीय छवि बनाने का प्रयास करता है, फिर भी उसकी गहरी जड़ें सफेद प्राथमिकता है। 25 सितंबर, 2017 को, ट्रम्प प्रशासन ने प्रवेश प्रतिबंध का तीसरा संस्करण जारी किया कि ईरान, यमन, लीबिया, सोमालिया, सीरिया और चाड जैसे मुस्लिम देशों के नागरिकों पर प्रवेश प्रतिबंध लगाया गया और सभी उत्तर कोरियाई नागरिकों और वेनेजुएला के सरकारी प्रतिनिधियों पर प्रवेश प्रतिबंध लगाया गया। वाशिंगटन सरकार का मानना है कि ये देश अमेरिका की वीजा आवेदकों के लिए सुरक्षा जांच और सूचना साझा करने के प्रति आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं।

विदेशी मुसलमानों के प्रति अमेरिका ने मानवाधिकारों के नाम पर बार-बार दोहरा मापदंड अपनाया है। हालांकि वह कहता रहता है कि वह मुसलमानों की भलाई की परवाह करता है, इस सदी की शुरूआत के बाद से, अमेरिका ने आतंकवाद के विरोध की आड़ में अफगानिस्तान, सीरिया और इराक में युद्ध छेड़े हैं, जिसमें सामूहिक हत्याओं से करोड़ों निर्दोष मुस्लिम नागरिकों की हताहती हुई। कोविड-19 महामारी के दौरान, अमेरिका ने ईरान आदि देशों पर प्रतिबंध लगाना जारी रखा, जिससे स्थानीय लोगों की जीवन दुर्दशा बढ़ गई और आर्थिक मंदी पैदा हुई।

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 20 Jul 2021, 06:40:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.