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भारत सरकार और मणिपुर ने जेडयूएफ उग्रवादी संगठन के साथ गतिविधियों की समाप्ति के समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत सरकार और मणिपुर ने जेडयूएफ उग्रवादी संगठन के साथ गतिविधियों की समाप्ति के समझौते पर हस्ताक्षर किए

Updated on: 27 Dec 2022, 09:25 PM

नई दिल्ली:

मणिपुर में शांति प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार और मणिपुर सरकार ने मंगलवार को मणिपुर के एक विद्रोही समूह जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेडयूएफ) के साथ गतिविधियों की समाप्ति के समझौते पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की मौजूदगी में दिल्ली में ये शांति समझौता किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद को समाप्त करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में भारत सरकार और मणिपुर सरकार ने एक दशक से भी अधिक समय से मणिपुर में सक्रिय जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट के साथ आज नई दिल्ली में गतिविधियों की समाप्ति के समझौते पर मुहर लगाई।इससे मणिपुर में शांति प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा।

गृह मंत्रालय ने बताया कि इस समझौते पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और मणिपुर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जेडयूएफ के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। मंत्रालय ने जानकारी दी कि सशस्त्र समूह के प्रतिनिधियों ने हिंसा छोड़ने और देश के कानून द्वारा स्थापित शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने पर सहमति व्यक्त की। इस समझौते में सशस्त्र कैडरों के पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन का प्रावधान है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सहमति प्राप्त बुनियादी नियमों के कार्यान्वयन की देख-रेख के लिए एक संयुक्त निगरानी समूह का गठन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के एक उग्रवाद मुक्त और समृद्ध पूर्वोत्तर के ²ष्टिकोण को पूरा करते हुए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.