News Nation Logo

गांधी के परपोते और एमवीए नेताओं ने कंगना की वास्तविक स्वतंत्रता टिप्पणी की निंदा की

गांधी के परपोते और एमवीए नेताओं ने कंगना की वास्तविक स्वतंत्रता टिप्पणी की निंदा की

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 12 Nov 2021, 05:35:01 PM
New Delhi

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

मुंबई: महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सहयोगियों और गांधी परिवार ने शुक्रवार को बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की वास्तविक स्वतंत्रता वाली टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से अभिनेत्री को गिरफ्तार करने और उन्हें प्रदान किए गए सभी राजकीय सम्मान/पुरस्कार वापस लेने की मांग की।

शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस के नेताओं ने इतिहास और तथ्यों को लेकर उनकी स्पष्ट अज्ञानता के लिए रनौत पर हमला किया, जिन्हें हाल ही में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।

महात्मा गांधी के परपोते, तुषार ए. गांधी ने कहा कि कंगना नफरत, असहिष्णुता और उग्रता की एजेंट हैं, इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि उन्हें लगता है कि भारत को उनकी वास्तविक स्वतंत्रता 2014 में मिली थी (जब भाजपा सरकार सत्ता में आई थी)।

तुषार गांधी ने कहा, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि उन्हें लगता है कि भारत को 2014 में स्वतंत्रता मिली थी। भारत में नफरत, असहिष्णुता, दिखावटी देशभक्ति और उत्पीड़न से 2014 में मुक्ति मिली, जब एक बहुत ही जहरीली और शातिर विचारधारा ने भारत में प्रभुत्व हासिल किया था, जिसे प्रधानमंत्री ने मूर्त रूप दिया था।

शिवसेना सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, कंगना ने उस देश का अपमान किया है जो इस साल भारतीय स्वतंत्रता की 75वीं जयंती मना रहा है और उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

राउत ने कहा, वह कहती हैं कि 1947 में भारत की आजादी एक भीख थी। तो क्या उनका यह मतलब है कि ताम्र पत्र और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किए गए सभी स्वतंत्रता सेनानी भिखारी हैं? उन्होंने पूरे देश को बदनाम किया है।

राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि अभिनेत्री ने जब टिप्पणी की तो वह नशीले पदार्थों के प्रभाव में हो सकती हैं। उन्होंने कंगना की ओर से अतीत में की स्वीकारोक्ति का जिक्र करते हुए यह बात कही, जिसमें कंगना ने कहा था कि वह एक ड्रग्स की आदी हुआ करती थीं।

मलिक ने व्यंग्यात्मक लहजे में अभिनेत्री के गृह राज्य हिमाचल प्रदेश की ओर इशारा करते हुए कहा, ऐसा लगता है कि कंगना रनौत ने बोलने से पहले मलाना क्रीम की भारी खुराक ले ली. उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए।

उन्होंने यह टिप्पणी उनके हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने के संदर्भ की, क्योंकि एक खास प्रकार की ड्रग्स मलाना क्रीम (चरस) का उत्पादन कथित तौर पर हिमाचल प्रदेश में ही होता है।

कंगना की टिप्पणियों की निंदा करते हुए, कांग्रेस महासचिव सचिन सावंत ने कहा, यह झांसी की रानी का भाजपा का वर्जन (संस्करण) है, जो अब अपने आजादी भीख में मिली है बयान से स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के बलिदान को बदनाम करने की हिम्मत दिखा रही हैं।

सावंत ने कहा, यह अफसोस की बात है कि इस तरह की कठपुतलियों को भाजपा जानबूझकर पोषित कर रही है। ये कठपुतली असली अपराधी नहीं हैं, बल्कि उनके मालिक हैं।

किशोर तिवारी, अतुल लोंधे-पाटिल, कृष्णा हेगड़े और अन्य नेताओं ने भी सार्वजनिक मंच पर उनकी टिप्पणी के लिए अभिनेत्री पर हमला किया और भाजपा से उनके रुख पर स्पष्टीकरण की मांग की।

तुषार गांधी ने कहा कि 2014 से नफरत फैलाने वालों को अपनी जहरीली विचारधारा का खुलकर प्रचार करने की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है।

उन्होंने कहा, इसमें बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं है कि इस तरह के बयान पीएम के एक समारोह में दिए गए। आखिर आज पीएमओ नफरत का झरना बन गया है, जो हमारे देश में बहुतायत से बहता है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 12 Nov 2021, 05:35:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो