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भारतीय इतिहास से नेहरू को हटाना फुटबॉल रिकॉर्ड से रोनाल्डो को छोड़ने जैसा : चिदंबरम

भारतीय इतिहास से नेहरू को हटाना फुटबॉल रिकॉर्ड से रोनाल्डो को छोड़ने जैसा : चिदंबरम

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 05 Sep 2021, 12:10:02 AM
New Delhi

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

पणजी: पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि भारत के इतिहास से देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम मिटा देना फुटबॉल के इतिहास से क्रिस्टियानो रोनाल्डो या विमानन के इतिहास से राइट भाइयों को हटाने जैसा है।

दक्षिण गोवा के मडगांव शहर में हुई कांग्रेस की एक बैठक में चिदंबरम ने यह भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा एकरूपता का प्रयास भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है।

उन्होंने कहा, कल्पना कीजिए कि अगर फुटबॉल का इतिहास लिखा जाए और उसमें क्रिस्टियानो रोनाल्डो को छोड़ दिया जाए तो कैसा लगेगा? मोटर कार का इतिहास लिखा जाए, तो हेनरी फोर्ड नहीं होंगे? अगर विमान का इतिहास लिखा जाता है, तो राइट ब्रदर्स नहीं होंगे? भाजपा इतिहास को फिर से लिखने का प्रयास कर रही है। हमें इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए और जो पार्टी इसके खिलाफ खड़ी हो सकती है, वह केवल कांग्रेस हो सकती है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद द्वारा जारी एक पोस्टर का जिक्र करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पोस्टर से नेहरू गायब थे।

चिदंबरम ने कहा, और मैं आपको चेतावनी देता हूं। यदि आप इस प्रवृत्ति को जारी रखने की अनुमति देते हैं, तो वे इतिहास की किताबों से जवाहरलाल नेहरू अध्याय हटा देंगे। हां, सरदार पटेल हैं, और हम इससे खुश हैं। मौलाना अबुल कलाम आजाद हैं, हम खुश हैं। लेकिन जवाहरलाल नेहरू वहां क्यों नहीं हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वर्तमान में 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक प्रभारी के रूप में गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।

चिदंबरम ने देश में एक समरूप संस्कृति बनाने के प्रयास को भारत के सामने सबसे बड़े खतरों में से एक बताया।

चिदंबरम ने कहा, इस देश में ऐसी ताकतें हैं जो भारत को एकरूप बनाना चाहती हैं। एक भाषा, एक धर्म, एक संस्कृति, एक भोजन की आदत। हम इसे कैसे स्वीकार कर सकते हैं? न केवल मुझे इसे कैसे स्वीकार करना चाहिए, बल्कि मुझे इसे क्यों स्वीकार करना चाहिए? आपको क्यों चाहिए इसे स्वीकार करें? प्रत्येक राज्य की अपनी भाषा, संस्कृति, जीवनशैली, आदत, पहनावे का तरीका, पारिवारिक जीवन का तरीका है, अन्य लोगों के साथ रहने का तरीका आदि है। हमें इस समरूपता को क्यों स्वीकार करना चाहिए।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 05 Sep 2021, 12:10:02 AM

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