News Nation Logo
ममता बनर्जी आज शाहरुख़ खान से कर सकती हैं मुलाकात 'सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) विधेयक, 2020' लोकसभा में पारित राजस्थान में कोरोना ने पकड़ी स्पीड, 17 जिलों में 365 नए मरीज 75 चित्रकार यहां 3 दिन तक महाभारत से जुड़ी पेंटिंग बनाएंगे: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (कुरुक्षेत्र) पर देश, विदेश के 3,700 कलाकार यहां आएंगे: मनोहर लाल खट्टर देश को एक मज़बूत वैकल्पिक फोर्स की जरूरत है: ममता बनर्जी मैं महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और शरद पवार से मुलाक़ात करने के लिए आईं थीं: ममता बनर्जी कोविड के दोनों डोज लगे हैं, तो बिना RT-PCR के महाराष्ट्र में यात्रा करने की अनुमति अक्टूबर 2020 से अक्टूबर 2021 तक 32 जवान शहीद, गृह मंत्रालय ने संसद में दी जानकारी जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां कम हुईं दिल्ली कैबिनेट का बड़ा फैसला, दिल्ली में पेट्रोल 8 रुपए सस्ता आईआरएस अधिकारी विवेक जौहरी ने CBIC के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला निलंबित 12 विपक्षी सदस्य (राज्यसभा) निलंबन के विरोध में संसद में गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस और द्रमुक सांसदों ने लोकसभा से वाक आउट किया दिसंबर के पहले दिन ही महंगाई की मार, महंगा हो गया कॉमर्श‍ियल LPG सिलेंडर कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन पर आज लोकसभा में होगी चर्चा UPTET पेपर लीक मामले में परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय गिरफ्तार संसद भवन के कमरा नंबर 59 में लगी आग, बुझाने की कोशिश जारी पुलवामा एनकाउंटर में दो आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी

नेपाल ने फिर उठाया सीमा विवाद, उत्तराखंड के तीन गांवों पर किया दावा

पिछले साल काठमांडू ने भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दिखाते हुए एक नया नक्शा प्रकाशित किया था. इसके बाद दोनों देशों में इसे लेकर संबंधों पर असर पड़ा था.

Written By : विजय शंकर | Edited By : Vijay Shankar | Updated on: 18 Nov 2021, 09:07:54 AM
India Nepal Border

India Nepal Border (Photo Credit: File Photo)

highlights

  • नेपाल ने फिर से सीमा से सटे गावों पर अपना दावा ठोका
  • नेपाल की हरकत से सीमा से सटे उत्तराखंड के गांवों में आक्रोश
  • सशस्त्र सीमा बल की है नजर, फिर से बढ़ सकता है विवाद 

नई दिल्ली:

नेपाल ने एक बार फिर कालापानी इलाके के तीन गांवों का दावा करके पिथौरागढ़ जिले में सीमा के मुद्दे को उठा दिया है. नेपाल के जनगणना अधिकारी ने सीमा पर कालापानी से सटे भारत के गुंजी, नाभी व कुटी को अपना बताया है. नेपाली मीडिया के अनुसार, नेपाली प्रशासन ने इन गांवों की जनगणना के लिए अपनी टीम भेजी थी, लेकिन भारतीय प्रशासन ने उन्हें सीमा पर रोक दिया. इस बीच नेपाल की इस हरकत को लेकर सीमा से सटे उत्तराखंड के गांवों में आक्रोश है. पिछले साल सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों में खटास आ गई थी.

यह भी पढ़ें : नेपाल की न्याय प्रक्रिया 15 दिनों से ठप, प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ जारी है सशक्त आंदोलन 

पिछले साल काठमांडू ने भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दिखाते हुए एक नया नक्शा प्रकाशित किया था. नेपाल के केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के महानिदेशक नेबिन लाल श्रेष्ठ ने 10 नवंबर को एक प्रमुख नेपाली दैनिक काठमनाडु पोस्ट से बात करते हुए कहा, "तीन गांव नेपाल के क्षेत्र में हैं, लेकिन वहां भारतीय सशस्त्र बलों की उपस्थिति है. सरकार के स्तर पर एक उपयुक्त समाधान होना चाहिए ताकि हमारी टीम जनसंख्या की गणना के लिए वहां जा सके.

वहीं  सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जो गांव भारतीय सीमा में है वहां नेपाल कोई दावा नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा, नेपाली अधिकारियों को उनकी जनगणना के लिए तीन गांवों में जाने की अनुमति देने का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि वे भारतीय गांव हैं. “वे भारतीय क्षेत्र में आते हैं और वहां के निवासी भारतीय नागरिक हैं. नेपाली अधिकारी हमारे क्षेत्र में जनगणना कैसे कर सकते हैं ?,


भारतीय इलाके से होकर ही जाती है सड़क

भारतीय सीमा के इस इलाके की कमान संभाल रहे एसएसबी कमांडेंट महेंद्र सिंह ने कहा कि   एजेंसी ने हालांकि नेपाली अधिकारियों को जनगणना के लिए उनके दो सीमावर्ती गांवों तक पहुंच प्रदान की है. चंगरू और तिनकर नाम के दो गांव उनके क्षेत्र में ही आते हैं, लेकिन उनके लिए रास्ता भारतीय क्षेत्र से होकर जाता है. हमने नेपाली अधिकारियों को नियमों और विनियमों के अनुसार हमारे क्षेत्र से उनके गांवों में जाने की अनुमति दी है. हमने उनसे भी सख्ती से कहा है कि वे केवल उन्हीं क्षेत्रों में जाएं, जिनके लिए अनुमति दी गई है. उन्होंने कहा, "एसएसबी नेपाल-सशस्त्र पुलिस बल में समकक्षों के साथ समन्वय में काम करते हुए नेपाल की ओर से भारत में किसी भी अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए हमेशा सतर्क रहता है.

दोनों देशों में पिछले साल आई थी खटास

कैलाश मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए धारचूला से लिपुलेख को जोड़ने वाली सड़क खोलने के बाद पिछले साल भारत और नेपाल के बीच संबंधों में खटास आ गई थी. नेपाल की संसद ने 18 जून को एक संवैधानिक संशोधन पारित किया था जिसके तहत उसने सर्वसम्मति से एक नए राजनीतिक मानचित्र का समर्थन करने के लिए मतदान किया, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाल के हिस्से के रूप में दिखाया गया था. इसके बाद दोनों देशों में इसे लेकर संबंधों पर असर पड़ा था.

First Published : 18 Nov 2021, 07:13:32 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.