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ओडिशा कैबिनेट ने इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2021 को दी मंजूरी

ओडिशा कैबिनेट ने इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2021 को दी मंजूरी

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 24 Nov 2021, 09:20:01 AM
Naveen Patnaik

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में ओडिशा मंत्रिमंडल ने इस क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2021 को मंजूरी दी।

मुख्य सचिव एससी महापात्रा ने कहा कि ओडिशा इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2021 की अवधारणा ओडिशा को इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए एक अनुकूल, उद्योग के अनुकूल और सक्रिय औद्योगिक माहौल प्रदान करके वर्ग अग्रणी बुनियादी ढांचे, सहायक सुविधाओं और नीतिगत पहलों के साथ की गई है।

सरकार के एक प्रेस बयान के अनुसार, ईएसडीएम इकाइयों को उनके निश्चित पूंजी निवेश के आधार पर 10 करोड़ रुपये से 250 करोड़ रुपये तक की निश्चित पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

राज्य सरकार ने नीति में 5 वर्ष की अवधि के लिए विद्युत शुल्क एवं विद्युत निरीक्षण शुल्क में छूट का प्रावधान किया है। पात्र ईएसडीएम इकाइयों को 5 वर्ष की अवधि के लिए 30 प्रतिशत की दर से 50 लाख रुपये प्रति यूनिट तक बिजली बिलों पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

इसी तरह ऐसे निवेशकों को स्टांप ड्यूटी में 100 फीसदी और दूसरे ट्रांजैक्शन पर 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।

भूमि को कृषि उपयोग से औद्योगिक उपयोग में परिवर्तित करने के लिए देय भूमि परिवर्तन शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी।

महिला उद्यमियों और विकलांग व्यक्तियों, स्थानीय उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह नीति मार्च 2026 तक लागू रहेगी।

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में दशकों से लंबित भूमि विवाद से निपटने की नीति को भी मंजूरी दी है।

राज्य के राजस्व मंत्री सुदाम मरंडी ने कहा कि 51 सरकारी कॉलेजों और 644 सहायता प्राप्त कॉलेजों के कब्जे में क्रमश: 180 एकड़ और 1713 एकड़ जमीन है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह सरकारी जमीन पर 1,274 हाई स्कूल हैं। जिसका कुल मूल्य 4,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।

ऐसे संस्थान प्रीमियम, आकस्मिक शुल्क, वार्षिक भूमि किराया, उपकर, अतिक्रमण शुल्क सहित जुर्माना, ब्याज आदि का भुगतान करने में असमर्थ होने के कारण भूमि संस्थानों के नाम दर्ज नहीं है।

कैबिनेट ने नए युग के मेगा उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए एक खंड के अलावा औद्योगिक नीति संकल्प 2015 में संशोधन करने की मंजूरी दी है।

प्रोत्साहन के इस पैकेज में 30 प्रतिशत तक की पूंजी निवेश सब्सिडी, एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति, ऊर्जा शुल्क, बिजली शुल्क में छूट, उड़िया कर्मचारियों के लिए रोजगार लागत सब्सिडी आदि शामिल हैं।

एक अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों से राज्य में लगभग 12,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है, जिससे 35,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 24 Nov 2021, 09:20:01 AM

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