News Nation Logo
Banner

मैसूर विश्वविद्यालय ने लड़कियों की आवाजाही प्रतिबंधित करने वाला सकरुलर वापस लिया

मैसूर विश्वविद्यालय ने लड़कियों की आवाजाही प्रतिबंधित करने वाला सकरुलर वापस लिया

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 28 Aug 2021, 11:10:01 PM
Myuru Univerity

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

बेंगलुरू: मैसूर विश्वविद्यालय ने शनिवार को कैंपस परिसर में छात्राओं की आवाजाही को प्रतिबंधित करने वाले अपने परिपत्र (सकरुलर) को वापस ले लिया है।

फैसला राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सी. एन. अश्वथ नारायण द्वारा जारी किए गए निर्देश के मद्देनजर सामने आया।

उन्होंने कहा, मैसूर विश्वविद्यालय के कुलपति ने शाम 6.30 बजे के बाद कुक्कराहल्ली झील क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश और परिसर में अकेले छात्राओं की आवाजाही पर रोक लगाने वाले सकरुलर को वापस ले लिया है। इस बारे में उनसे बात की थी।

नारायण ने कहा, परिसरों के भीतर सुरक्षा सुनिश्चित करना कुलपतियों की जिम्मेदारी है। उन्हें विश्वविद्यालय परिसरों में निगरानी बढ़ाने के लिए उपलब्ध प्रौद्योगिकी का सर्वोत्तम उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुलपतियों को परिसरों के भीतर गश्त को सख्त करने के उपाय करने चाहिए। सतर्कता बढ़ाने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा सकता है।

नारायण ने यह भी कहा कि वह सभी संबंधितों के साथ विश्वविद्यालयों के परिसरों में गश्त बढ़ाने के बारे में चर्चा करेंगे।

एक विचित्र फैसले में ऐतिहासिक मैसूर विश्वविद्यालय ने शुक्रवार (27 अगस्त) से परिसर में शाम 6.30 बजे के बाद छात्राओं की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। शहर में सामूहिक दुष्कर्म की घटना की पृष्ठभूमि में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा जारी आदेश से आक्रोश फैल गया था। कुलपति प्रो. जी. हेमंत कुमार ने शनिवार तक आदेश में सुधार का आश्वासन दिया था।

आदेश में कहा गया था कि मैसूर विश्वविद्यालय परिसर के परिसर में शाम 6.30 बजे के बाद छात्राओं की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इसके अलावा आदेश में कहा गया था कि निर्धारित समय के बाद छात्राओं के परिसर में कहीं भी बैठने पर भी प्रतिबंध है।

बताया गया कि मैसूर में सामूहिक दुष्कर्म की घटना की पृष्ठभूमि में पुलिस विभाग के मौखिक निर्देश के बाद यह निर्देश जारी किया गया। आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रसिद्ध कुक्कराहल्ली झील परिसर में शाम 6.30 बजे के बाद जनता का प्रवेश रोक दिया गया है। यह झील मैसूर विश्वविद्यालय परिसर के निकट स्थित है और प्रकृति प्रेमियों द्वारा पसंद की जाती है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।

कुलपति ने स्पष्ट किया था कि वह शनिवार तक आदेश में संशोधन करा देंगे।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 28 Aug 2021, 11:10:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.