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देश की बहस में SC के फैसले पर मशहूर शायर मुनव्वर राणा की सफाई

CAA के बाद राम मंदिर पर उगला ज़हर, किसके मोहरे बन गए मुनव्वर? दीपक चौरसिया के साथ देखिये #DeshKiBahas... यहां देखें मुख्य अंश.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 10 Aug 2020, 09:53:59 PM
sabse badi bahas

देश की बहस (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली:

विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहने वाले मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने एक बार फिर मंदिर मुद्दे को लेकर नया राग अलापा है. मुनव्वर राणा ने राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अब ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला तो सुना दिया है लेकिन न्याय नहीं किया. CAA के बाद राम मंदिर पर उगला ज़हर, किसके मोहरे बन गए मुनव्वर? दीपक चौरसिया के साथ देखिये #DeshKiBahas... यहां देखें मुख्य अंश.

  • सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला हुआ मैंने उसको तस्लीम कियाः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • अव्वल तो हमें अदालत में जाना ही नहीं चाहिए था लेकिन अगर गए तो हमें फैसला भी मानना चाहिएः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • रंजन गोगोई ने जिस तरह से फैसला देने के अगले दिन जाकर राज्यसभा की सदस्यता ले ली ये शर्मनाक थाः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • जो व्यक्ति एक मामूली सी सीट के लिए अपने आपको बेच दे ये बहुत ही शर्मनाक हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • जब मैं अपनी माता के निधन के बाद मोदी जी से मिलने गया था क्योंकि उन्होंने मुझे उस समय पत्र लिखा था तभी मैंने उनसे कहा था कि ये कुर्सियां मेरे लिए कुछ भी नहीं हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • जो हुआ वो अफसोसजनक है वो घटिया और शर्मनाक हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • भगवान राम ने अपनी सौतेली मां के इशारे पर पिता के आदेश का पालन करने के लिए वन के लिए निकल गएः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • जब पुराने समय में राजा-महाराज गद्दी छोड़कर वन चले गए थे वो भी एक महानता थीः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • मैंने तो एक बार भी नहीं कहा कि उस फैसले से इनकार किया जा सकता हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • उस फैसले के बाद का जो काम हुआ वो शक के दायरे में हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • माफी तो तब मांगी जाती है जब कोई गलती की जाती हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • अगर बिना गलती के माफी मांगे तो समझना चाहिए कि हम भी बिक गए, थक गए और हार गएः मुनव्वर राणा
  • मैं इस बात से इंकार नहीं करता हूं कि इस पर केस नहीं बनता हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • मैं एक शायर हूं शायरों की अपनी अदालत होती है हम अपने फैसलों में किसी अदालत को दखल देने की इजाजत नहीं देतेः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • देखिए आपको हमेशा शायरी के अंदर जो झूठ बोलना हो उसे उर्दू शायरी में बयां कर देंः तारेक फतह, लेखन और पत्रकार
  • ये उस मौलाना की बात कर रहे हैं कि जिसने हिन्दुस्तान के तीन पार्ट कर दिएः तारेक फतह, लेखन और पत्रकार
  • आप बैठे हैं हिन्दुस्तान में और हैं पाकिस्तान केः तारेक फतेह, लेखन और पत्रकार
  • जिस तरह से वो दो मजहब के बीच मोहब्बत का पैगाम देने की कोशिश कर रहे थे वो अच्छा लग रहा थाः मौलाना सैयद उल कादरी, QIQ अध्यक्ष
  • कादरी साहब की कुछ मजबूरियां हो सकती हैं लेकिन मुझे दुर्भाग्य के साथ ये कहना पड़ रहा है कि मुनव्वर राणा ने यहां पर शब्दों का प्रयोग नहीं कियाः विनीत चौहान, कवि
  • जिस मुनव्वर राणा साहब ने कभी कहा था कि मुहब्बत करने वालों में ये झगड़ा डाल देती है सियासत करने वालों का ये मट्ठा डाल देती हैंः विनीत चौहान, कवि
  • हो सकता है कि मुनव्वर राणा साहेब के कंधे पर रखकर कोई और बंदूक चला रहा होः विनीत चौहान, कवि
  • मुनव्वर राणा कैसे ये बात कह सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत थाः आशुतोष असर, दर्शक
  • आपको ये बात मालूम है कि हम कभी किसी भी सियासी पार्टी से प्रेरित नहीं रहे हैंः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • हो सकता है कि मेरी राय गलत हो लेकिन ये बिलकुल नहीं हो सकता कि मैं ये बयान किसी के इशारे पर कर रहा हूंः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • आस्था पर कोई फैसला नहीं कर सकता है, ये तो दिलों का मामला है इसका फैसला कोई कैसे कर सकता हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • हम कहां से कट्टरपंथी हो जाएंगे, जो आदमी आडवाणी के साथ लद्दाख जाता हो और मथुरा में जाकर बड़े ठाकुर के यहां शायरी सुनाता होः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • ये पिछले एक हजार साल से सच बोल रहे हैंः तारेक फतह, लेखन और पत्रकार
  • पाकिस्तान बनाने में यूपी, बिहार और बंगाल के मौलवियों का योगदान था, पाकिस्तान पंजाबियों बलोचियों के बस की बात नहीं थीः तारेक फतह, लेखन और पत्रकार
  • जो उर्दू बोलता है वो अपने आपको बहुत एडवांस समझता है जबकि हिन्दी बोलने वालों को तुच्छ समझा जाता हैः तारेक फतह, लेखन और पत्रकार
  • हमारी उर्दू जुबान की शायरी पर लोग वाह-वाह करते हैं इसी बात का फायदा ऐसे शायर उठाते रहते हैंः तारेक फतह, लेखन और पत्रकार
  • मुझे ऐसा लगा कि मुनव्वर राणा 67 साल के हैं और हिन्दुस्तान में अपना जीवन लगा दिया है आपको ऐसा सवाल उनसे नहीं करना चाहिए थाः दारा फारूकी, लेखक
  • उन्होंने ऐसा नहीं कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गलती की है कि नहीं कभी ऐसा हुआ हैः दारा फारूकी, लेखक
  • सुबह जो आवाज थी उस आवाज को जब आपने टीवी के जरिए दिखाना शुरू किया तो उनके बोल बदल गएः मोहसिन रजा, मंत्री, यूपी सरकार
  • शाम को उन्होंने कहा कि हमने ये बातें शायरी के लिए लिखी हैंः मोहसिन रजा, मंत्री, यूपी सरकार
  • मैंने देखा है कि वीडियो में उन्होंने हमारे देश के चीफ जस्टिस के बारे में कहा है, जिसने हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री पर इलजाम लगाना शर्मनाक हैः मोहसिन रजा, मंत्री, यूपी सरकार
  • इन्होंने गोगोई जी पर बहुत खराब अंदाज से संबोधित करते हुए कहा कि वो बिक गए हैंः मोहसिन रजा, मंत्री, यूपी सरकार
  • आखिर आपको ऐसा क्या दर्द है जो पूरे परिवार के साथ देश के खिलाफ बयानबाजी करते हुए नजर आ रहे हैंः मोहसिन रजा, मंत्री, यूपी सरकार
  • हम जिनके साथ पिछले हजारों सालों से रहते आ रहे हैं जो खुद जुल्म सहकर हमें अपने भीतर समाहित करते रहे हैं राणा जी ने ऐसे लोगों पर क्या आरोप लगाए हैंः मोहसिन रजा, मंत्री, यूपी सरकार
  • मुनव्वर राणा ने यूपी के इस मंत्री पर बोला हमला, कही ये बड़ी बात
  • मुनव्वर राणा ने मोहसिन रजा, मंत्री, यूपी सरकार पर यह बयान दिया है.
  • आपने इस दलाल को कहां डिबेट में ले आए ये बेहुदा मोहसिन रजा एक नंबर का दलाल हैः मुनव्वर राणा
  • ये अटल बिहारी बाजपेयी की तस्वीर सीने से लगाकर मस्जिद में दुआ करने पहुंच जाता थाः मुनव्वर राणा
  • ये तो योगी की इतनी तारीफ कर रहा है जितनी की कभी अपने वालिद की भी नहीं की होगीः मुनव्वर राणा
  • ये तो योगी की जूतियां भी उठाकर चलने को तैयार हैः मुनव्वर राणा
  • मुसलमान को गाय के नाम पर मारा जा रहा हैः मौलाना साजिद रशीदी, AIIA अध्यक्ष 
  • अगर ऐसे माहौल में हम सरकार से अपनी बात न उठाएं तो किससे उठाएं राहुल गांधी सेः मौलाना साजिद रशीदी, AIIA अध्यक्ष
  • अगर मेरा बयान संविधान के खिलाफ है तो मैं सजा भुगतने के लिए तैयार हूंः मौलाना साजिद रशीदी, AIIA अध्यक्ष
  • तारेक फतह से पूछो कि ये हिन्दू हैं या मुसलमान इनका मजहब क्या हैः मौलाना साजिद रशीदी, AIIA अध्यक्ष
  • पाकिस्तान के भगोड़े तुम्हें अपना धर्म बताने में शर्म क्यों आ रही हैः मौलाना साजिद रशीदी, AIIA अध्यक्ष
  • जिस व्यक्ति को अपने मुल्क से भगा दिया गया हो वक्त उसका खराब होता हैः मौलाना साजिद रशीदी
  • आप कह रहे हैं कि अब तो आपने मंदिर बना लिया कि अब हम आपकी ऐसी-तैसी कर देंगेः तारेक फतह, लेखक और पत्रकार
  • तारक शब्द जो है वो संस्कृत से निकला है जितने भी शब्द आप सितारा तारेक जो भी निकले हैं सब संस्कृत से निकले हैंः तारेक फतेह
  • हम दिन में 97 बार सजदा करते हैं इससे ज्यादा हिन्दुस्तान की जय क्या बोलेंगेः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • जमीन मां है इसे छोड़कर नहीं जाउंगा, मां का दूध पिया है जंग छोड़कर न भाग जाउंगाः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • योगी जी से हम कोई नफरत नहीं करते हैं लेकिन उनसे सिर्फ इतनी शिकायत है कि शनिवार को कोरोना आ जाता है और रविवार को चला जाता हैः मुनव्वर राणा, मशहूर शायर
  • वो योगी हम शायर हमारा उनका मामला ही अलग है तो हम उनसे नफरत क्यों करेंगे लेकिन मोहब्बत करने का लगाव क्यों होगाः मुनव्वर राणा
  • आज मैंने मुनव्वर जी की बातों को सुना सुनकर दुख हुआः विनीत चौहान, कवि
  • इस बार मथुरा में जन्माष्टमी नहीं मनाई जा रही है, महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी नहीं मनाई जा रही हैः विनीत चौहान, कवि
  • रंजन गोगोई पर आपकी टिप्पणी व्यक्तिगत नहीं हैः विनीत चौहान, कवि
  • मजहब गुरुओं ने हमारे देश का सत्यानाश कर दिया हैः विनीत चौहान, कवि
  • आज मुझे मुनव्वर साहब की भाषा से बहुत निराशा हुई, मैं पिछले 30 सालों से आपके चरणों में रहा हूंः विनीत चौहान, कवि
  • आज भीष्म पिताहमा अगर धर्मयुद्ध के नियम अपने लिए बदल लें तो गलत होता हैः विनीत चौहान, कवि
  • मुझे आज वो मुनव्वर राणा नहीं दिखाई दिया जिसे मैं पिछले 30 -40 सालों से सुनता आ रहा हूंः विनीत चौहान, कवि
  • आज उनकी भाषा कैसी थी कि चैनल पर कैसे लफंगों को बैठा रखा है ये कितनी खराब भाषा थी ये मुनव्वर साहब के मुंह से सुनकर शॉक्ड हूंः विनीत चौहान, कवि
  • हमने 1400 सालों से आपके खोखलेपन को देखा है आप खुद को मौलाना कहते हैंः तारेक फतह, लेखक और पत्रकार
  • मैंने बार-बार ये बात दोहराई है कि हिन्दुस्तान में एक जंग छिड़ी है अल्लाह का इस्लाम और मुल्लाह का इस्लामः तारेक फतेह
  • इनके जड़ में गजवा हिन्द के खिलाफ नस-नस में जहर भरा हुआ हैः तारेक फतह, लेखक और पत्रकार
  • मुगल सल्तनत खतम हो गई इसीलिए रहना दुश्वार हो गया हैः तारेक फतेह
  • मैं तो ये कहना चाहूंगा कि राणा जी के बारे में कुछ कहना ही बेकार है वो चोरी की कविताएं पढ़ते हैंः नीरज कुमार, दर्शक

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First Published : 10 Aug 2020, 08:13:23 PM

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