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महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का बयान- बोली यह बात

आखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में आज मौत हो गई. उनका शव अल्लापुर में बांघबरी गद्दी मठ के कमरे में फंदे से लटका मिला है. जिस कमरे में नरेंद्र गिरि का शव मिला, उसके दरवाजे चारों ओर से बंद थे

News Nation Bureau | Edited By : Mohit Sharma | Updated on: 21 Sep 2021, 06:06:50 PM
Pragya Thakur

Pragya Thakur (Photo Credit: News Nation)

नई दिल्ली:

आखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में आज मौत हो गई. उनका शव अल्लापुर में बांघबरी गद्दी मठ के कमरे में फंदे से लटका मिला है. जिस कमरे में नरेंद्र गिरि का शव मिला, उसके दरवाजे चारों ओर से बंद थे. वहीं, पुलिस को जांच में कमरे से एक आठ पन्नों का सुसाइड नोट मिला है. उस सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरा मन आनंद गिरि की वजह से वि​चलित था. उन्होंने आगे लिखा कि वह 13 सितंबर को सुसाइड नहीं कर पाए. लेकिन आत्महत्या के लिए उकसाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. वहीं सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने महंत नरेंद्र गिरी कि आत्महत्या पर प्रतिक्रिया दी है.

कलेक्ट्रेट में मास्टर प्लान की बैठक में शामिल होने आई सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने महंत नरेंद्र गिरी कि आत्महत्या पर प्रतिक्रिया दी , उन्होंने कहा कि यूपी के सीएम योगी इस मामले में सूक्ष्म से सूक्ष्म जांच करवाएंगे, मुझे पूरा भरोसा है कि योगी जी इस मामले में निष्पक्ष  जांच करवाएंगे, एक संत जो समाज को आशावादी ऊर्जा देता है वह अगर इस तरह मौत को गले लगाएगा तो समाज मे संदेश ठीक नही जाएगा, सीबीआई की जांच पर कहा कि मुझे यूपी के सीएम योगी पर पूरा भरोसा है कि वह इस मामले में पूरा न्याय करेंगे, अगर जांच के लिए सीबीआई या एसआईटी की जरूरत पड़ेगी तो वह करवाएंगे.

वहीं, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी की मौत मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है.  इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार उर्फ सुनील चौधरी ने निरंजनी अखाड़ा बाघंबरी गद्दी प्रयागराज के महंत व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी की संदिग्ध मौत की सी बी आई जांच की मांग में  पत्र याचिका दायर की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष  दाखिल इस जनहित याचिका में कहा गया है कि मठ की संपत्ति के गबन को लेकर विवाद है।  अखबार की खबर में बड़े पुलिस अधिकारियों व भू माफियाओं के लिप्त होने की आशंका जताई गई है।इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी की गयी है। इसलिए घटना की जांच सीबीआई से कराई जाय,या न्यायिक जांच हो या एस आई टी गठित की जाय। पत्र याचिका में जिलाधिकारी व एस एस पी को जांच के दौरान निलंबित करने की भी मांग की गई है। याची का कहना है कि राज्य मशीनरी महंत की सुरक्षा करने में नाकाम रही है।

 

First Published : 21 Sep 2021, 06:06:50 PM

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