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तीन तलाक पर SC के फैसले का चौतरफा स्वागत, PM ने बताया 'ऐतिहासिक', AIMPLB ने बुलाई बैठक

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की हर तरफ तारीफ हो रही है। सत्ता पक्ष, विपक्ष, सामाजिक संगठनों ने फैसले का स्वागत करते हुए मोदी सरकार से कानून बनाने की अपील की है।

News Nation Bureau | Edited By : Jeevan Prakash | Updated on: 23 Aug 2017, 07:39:16 AM
तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला (फोटो-PTI)

highlights

  • तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का सरकार के साथ साथ विपक्षी दलों ने एक सुर में स्वागत किया है
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह, राहुल गांधी से लेकर तमाम अन्य विपक्षी दलों ने फैसले का स्वागत किया है

नई दिल्ली:

तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का सरकार के साथ साथ विपक्षी दलों ने एक सुर में स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह, राहुल गांधी से लेकर तमाम अन्य विपक्षी दलों ने कोर्ट के इस फैसले को महिलाओं के अधिकार की जीत बताया है।

हालांकि कोर्ट के इस फैसले से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) को झटका लगा है। एआईएमपीएलबी तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विचार के लिए अगले महीने की शुरुआत में भोपाल में बैठक करेगा। पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में कानूनी दखल दिए जाने का विरोध कर रहा था, जिसकी वजह से उसे काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। यह मुस्लिम महिलाओं को समानता देता है और महिला सशक्तीकरण के लिए एक मजबूत कदम है।'

वहीं बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने कहा कि इस फैसले के साथ देश की मुस्लिम महिलाओं के लिए स्वाभिमान पूर्ण और समानता के एक नये युग की शुरुआत हुई है।

कांग्रेस

देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए अब सभी तरह के विवाद के खत्म होने की उम्मीद जताई है। कांग्रेस ने कहा कि इस फैसले से मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को बल मिला है, जो सदियों से इसकी पीड़ित रही हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, 'हम इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हैं, क्योंकि इस्लाम मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ भेदभाव और पक्षपात का समर्थन नहीं करता।'

और पढ़ें: 5 अलग-अलग धर्मो के जजों की पीठ, जिसने तीन तलाक पर दिया ऐतिहासिक फैसला

वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी फैसले को सही ठहराया है। आपको बता दें की सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक पर सुनवाई के दौरान एआईएमपीएलबी की ओर से पेश हुए थे। उन्होंने तीन तलाक के समर्थन में दलील दी थी।

एएमपीआईएलबी ने बुलाई बैठक

वहीं मामले में सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार रही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य जफरयाब जिलानी ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय के तीन तलाक पर रोक के फैसले का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने पूछा कि शरिया का पालन करने वाली महिलाओं का क्या होगा?

जिलानी ने कहा, 'शरिया के मुताबिक, तलाक (तीन तलाक) वैध माना जाएगा, लेकिन अदालत के मुताबिक यह अवैध है। इसलिए इस तरह की महिला के भविष्य के संबंध में अदालत ने क्या दिशा निर्देश दिए हैं। अदालत ने उनके लिए मामले को जटिल बना दिया है या उनके लाभ के लिए फैसला दिया है।'

असदुद्दीन ओवैसी

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि समाज में सुधार लाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, 'न्यायिक फैसले और कानून..अनुभव हमें बताते हैं कि जरूरत है कि समाज में सुधार लाया जाए। समाज में जमीनी बदलाव की जरूरत है।' 

योगी आदित्यनाथ

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कहा कि इससे देश में धर्मनिरपेक्षता की जड़ें मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'यह फैसला ऐतिहासिक है। इससे न केवल न्याय मिला है, बल्कि महिलाओं का सशक्तिकरण भी हुआ है। हम इसका स्वागत करते हैं।'

वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने उम्मीद जाहिर की है कि संसद इस मामले में सलाह-मशविरा कर अच्छा कानून बनाएगी।

मायावती

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा, 'बीएसपी फैसले का स्वागत करती है। अच्छा होता मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड खुद तीन तलाक मामले में कार्रवाई करता। पर ऐसा नहीं किया।'

आरजेडी-जेडीयू

पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख राबड़ी देवी ने कहा, 'अदालत ने तीन तलाक को खारिज कर दिया है। अब संसद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को कानून बनाना है। अब देखना होगा कि मुस्लिम समुदाय के भाई-बहनों के लिए वे क्या सोचते हैं? अब तो गेंद प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार के पाले में है।'

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First Published : 22 Aug 2017, 06:33:24 PM

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