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मोदी सरकार की किसानों को सौगात, 14 खरीफ फसलों पर MSP बढ़ाने को दी मंजूरी, ये प्रोजेक्ट भी हुए अप्रूव

मोदी सरकार ने बड़ा अहम फैसला लिया है. सरकार ने 14 खरीफ सीजन की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी है. जिन फसलों के लिए एमएसपी की मंजूरी दी गई है उनमें धान, रागी, बाजरा, ज्वार, मक्का और कपास मुख्त तौर पर शामिल है.

Updated on: 20 Jun 2024, 06:11 AM

New Delhi:

Modi Govt approved MSP on 14 crops: मोदी सरकार ने बड़ा अहम फैसला लिया है. सरकार ने 14 खरीफ सीजन की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाने को मंजूरी दी है. जिन फसलों पर एमएसपी बढ़ाने को मंजूरी दी गई है- उनमें धान, रागी, बाजरा, ज्वार, मक्का और कपास मुख्त तौर पर शामिल है. देश में किसान लंबे समय से फसलों पर एमएसपी बढ़ाने की मांग करते आए हैं, ऐसे में मोदी सरकार का ये फैसला किसानों को सौगात के रूप में देखा जा सकता है.

14 खरीफ फसलों की MSP मंजूर

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फसलों पर दी गई एमएसपी की मंजूरी के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने बताया, 'मंत्रिमंडल ने धान, रागी, बाजरा, ज्वार, मक्का और कपास सहित 14 खरीफ सीजन की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी है.'

अश्विनी वैष्णव ने दी कैबिनेट ब्रीफिंग

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से ही किसानों को प्राथमिकता देते हैं. अपने नए कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो पहला फैसला लिया है, वो भी किसानों को हित में लिया है. खरीफ सीजन की 14 फसलों पर आज कैबिनेट ने एमएसपी बढ़ाने को मंजूरी दी है. सरकार ने पहले भी कहा है कि एमएसपी कम से कम डेढ़ गुना कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन होनी ही चाहिए. साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम मोदी का तीसरा कार्यकाल बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह किसानों के कल्याण के लिए कई फैसलों के माध्यम से परिवर्तन के साथ निरंतरता पर केंद्रित है.

धान-कपास पर बढ़ाई एमएसपी

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कपास का नया एमएसपी 7121 रुपए प्रति क्विंटल होगा. इसकी एक दूसरी किस्म के लिए नया एमएसपी 7,521 रुपए प्रति क्विंटल होगा, जो पहले से 501 रुपए ज्यादा है, जबकि धान के लिए एमएसपी को 117 रुपए बढ़ाकर 2,300 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है.

एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि तिलहन और दलहन के लिए की गई है, जिसमें नाइजरसीड (रामतिल) में 983 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि, उसके बाद तिल 632 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि और अरहर दाल 550 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि शामिल है.

तूर दाल का एमएसपी 7550 रुपए प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले साल की तुलना में 550 अधिक है. मूंग का एसएपी 8682 रुपए प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले साल की तुलना में 124 रुपए अधिक है. उरड़ दाल का एमएसपी 7400 रुपए प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 450 रुपए अधिक है. मूंगफूली का एमएसपी 6783 रुपए प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले साल की तुलना में 406 रुपए अधिक है.

रागी का नया एमएसपी 4290 रुपये प्रति क्विंटल, तिल का एमएसपी 8717 रुपये और सूरजमुखी का नया एमएसपी 7230 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है. इनके अलावा ज्वार का एमएसपी 3371 रुपए प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले वर्ष की तुलना मे 191 रुपए अधिक है. मक्का का एमएसपी 2225 रुपए प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 135 रुपए अधिक है. वहीं, बाजरा का एसएसपी 2625 रुपये प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले साल की तुलना मे 125 रुपये अधिक है.

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज के फैसले से किसानों को एमएसपी के रूप में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे. यह पिछले सीजन की तुलना में 35,000 करोड़ रुपये अधिक है.

महापालगर-वधावन पोर्ट को मंजूरी

- महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानु में वधावन बंदरगाह के लिए 76,200 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस बंदरगाह की क्षमता 23 मिलियन टीयू होगी. इस पोर्ट से 12 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है. यह पोर्ट IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर) का एक अभिन्न अंग होगा. इसका निर्माण जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के ज्वाइंट वेंचर द्वारा किया जाएगा. यह दुनिया के शीर्ष 10 बंदरगाहों में से एक होगा.

वाराणसी में होगा एयरपोर्ट का विस्तार

- साथ ही मोदी कैबिनेट ने वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए विस्तार के लिए 2,870 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. प्रस्ताव में रनवे का विस्तार और एक नया टर्मिनल भवन बनाना शामिल है. इसे मिनिमम एनर्जी कंजप्शन के लिए हरित हवाई अड्डा बनाया जाएगा.

ऑफशोर विंड एनर्जी प्रोजेक्ट को मंजूरी

- इसके अलावा कैबिनेट ने भारत के पहले ऑफशोर विंड एनर्जी प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है. यह 1 गीगावाट का ऑफशोर विंड एनर्जी प्रोजेक्ट होगा, जिनमें से प्रत्येक 500 मेगावाट गुजरात और तमिलनाडु के तट पर विकसित किया जाएगा.