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मेहुल चोकसी ने भी दिया था RGF को चंदा, पीएम मोदी को घेरने वाली कांग्रेस बुरी फंसी

भाजपा ने सीधा आरोप लगाया कि मेहुल ने फाउंडेशन को भारी रकम दी थी. यह रकम मेहुल के स्वामित्व वाली कंपनी नविराज इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दी गई थी.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 28 Jun 2020, 09:20:49 AM
Mehul Sonia

आरजीएफ पर मेहुल के डोनेशन पर सियासी तौर पर घिरी कांग्रेस. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीनी सैनिकों से भारतीय जवानों की हुई हिंसक झड़प पर मोदी सरकार (Modi Government) को घेरने वाली कांग्रेस राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) को चीनी फंडिंग के आरोपों से घिर गई है. हालांकि अब आरजीएफ से भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) का नाम जुड़ने से कांग्रेस की सियासी मुश्किलें बढ़ गई हैं. मेहुल को लेकर अभी तक मोदी सरकार को घेरने वाली कांग्रेस (Congress) को इस मसले पर जवाब देना कठिन पड़ रहा है. भाजपा ने सीधा आरोप लगाया कि मेहुल ने फाउंडेशन को भारी रकम दी थी. यह रकम मेहुल के स्वामित्व वाली कंपनी नविराज इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दी गई थी. फ‍िलहाल कितनी रकम दी गई थी इसका पता अभी नहीं चल पाया है.

चोकसी पर अब खुद ही घिरी कांग्रेस
इस लिहाज से देखें तो भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा मेहुल चोकसी को लेकर लगाए गए आरोप से सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. बता दें कि हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंकों को करोड़ों का चूना लगाकर देश छोड़कर भाग गया है. इसके फरार होने के बाद कांग्रेस अरसे से मोदी सरकार को दोषी ठहरा रही थी. राहुल गांधी स्वयं मेहुल का नाम लेकर प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते रहे हैं. ऐसे में राजीव गांधी फाउंडेशन का चोकसी के साथ नाम जुड़ने से कांग्रेस सियासी तौर पर घिरती नजर आ रही है. राजीव गांधी फाउंडेशन की साल 2013-15 की रिपोर्ट के अनुसार, मेहुल ने अपनी कंपनी के जरिए चंदा दिया था.

शैल कंपनी है राजीव गांधी फाउंडेशन
राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से मिले चंदे और चीन के कथित खुफिया संगठन चाइना एसोसिएसन फॉर इंटरनेशनल फ्रैंडली कांटैक्ट (सीएएफआइसी) से रिश्ते खुलने के बाद कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है. भाजपा के नेशनल सोशल मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि अभी तक जो जानकारियां सामने आ रही हैं उससे साबित होता है राजीव गांधी फाउंडेशन एक शेल (मुखौटा) कंपनी की तरह काम कर रहा था. सरकारी संरक्षण देने के लिए इसके नाम पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, विदेशी कंपनियों और सरकारों से लंबी रकम वसूली गई. साल 1992 से शुरू हुई इस इस संस्था से पिछले 18 साल में मात्र 2900 से कुछ अधिक लोगों को ही लाभ पहुंचा है. शुरुआती वर्षों में इस संस्था ने क्या काम किया इसकी जानकारी नहीं मिल रही.

  • HIGHLIGHTS
  • मेहुल चोकसी ने भी दिया था कांग्रेस के आरजीएफ को.
  • मोदी को घेरने वाली सोनिया गांधी खुद घिरी आरोपों से.
  • जेपी नड्डा ने मेहुल का नाम लेकर बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें.

First Published : 28 Jun 2020, 09:20:49 AM

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