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UNSC में कश्मीर पर पाकिस्तान को फिर झेलनी पड़ी शर्मिंदगी, चीन भी ले सबक: रवीश कुमार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान ने द्विपक्षीय मसले पर चर्चा के लिए यूएन के मंच का दुरुपयोग किया लेकिन उसे एक बार फिर से शर्मिंदगी झेलनी पड़ी.

News Nation Bureau | Edited By : Nitu Pandey | Updated on: 16 Jan 2020, 05:31:40 PM
रवीश कुमार

रवीश कुमार (Photo Credit: ANI)

नई दिल्ली:

भारत ने पाकिस्तान और चीन को एक बार फिर से नसीहत दी है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर के मुद्दे को उठाने को लेकर गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान ने द्विपक्षीय मसले पर चर्चा के लिए यूएन के मंच का दुरुपयोग किया लेकिन उसे एक बार फिर से शर्मिंदगी झेलनी पड़ी. इसके साथ ही भारत चीन को कहा कि इससे सबक लेनी चाहिए और भविष्य में इस तरह के कदम से बचना चाहिए.

रवीश कुमार ने आगे कहा, 'एक यूएनएससी सदस्य चीन के माध्यम से पाकिस्तान द्वारा फिर से द्विपक्षीय मामले पर चर्चा के लिए यूएन के मंच का दुरुपयोग किया गया. यूएनएससी ने कश्मीर मुद्दे को लेकर कहा कि यह द्विपक्षीय मसला है. पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी. अनौपचारिक क्लोज्ड डोर मीटिंग बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया. जाहिर हो गया है कि पाकिस्तान के बेबुनियाद आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. उसे स्पष्ट रूप से संदेश गया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच कोई लंबित मुद्दा है तो इस पर द्विपक्षीय बातचीत होगी.'

इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हमारा विचार है, चीन को इस वैश्विक सहमति पर गंभीरता से चिंतन करना चाहिए, उचित सबक लेना चाहिए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई करने से बचना चाहिए.

बता दें कि बुधवार को पाकिस्तान ने चीन के जरिए कश्मीर मुद्दा को सुरक्षा परिषद में उठाया था. यूएन में पाकिस्तान को सिवा चीन के बाकि देशों का समर्थन नहीं मिला.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि हमने एक बार फिर देखा कि संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य द्वारा उठाया गया कदम दूसरों द्वारा सिरे से खारिज कर दिया गया.

एससीओ बैठक भारत में होगी

वहीं, एसीओ (SCO) बैठक को लेकर रवीश कुमार ने कहा कि यह एक सार्वजनिक जानकारी है कि भारत इस साल के आखिर में SCO परिषद के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करेगा. यह बैठक प्रधानमंत्री स्तर पर प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है और इसमें SCO के कार्यक्रम और बहुपक्षीय आर्थिक और व्यापार सहयोग पर चर्चा की जाती है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि SCO के सभी 8 सदस्यों के साथ-साथ SCO के 4 पर्यवेक्षक राज्यों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संवाद भागीदारों को बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर बाद में बताया जाएगा

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि जब पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति से मिले थे तो भारत आने का न्यौता दिया था. दोनों देश संपर्क में है. जब भी इस बाबत कोई ठोस जानकारी मिलेगी हम आपके सात साझा करेंगे.

First Published : 16 Jan 2020, 05:31:40 PM

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