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मसूद अजहर वैश्विक आतंकी : 10 साल बाद भारत को मिली सफलता, चीन ने चार बार लगाया अड़ंगा

2009 , 2016 , 2017 और मार्च 2019 में भारत ने प्रस्ताव रखा था, 2016 में भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध परिषद के समक्ष दूसरी बार प्रस्ताव रखा

News Nation Bureau | Edited By : Sushil Kumar | Updated on: 02 May 2019, 06:32:22 AM
प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए भारत और UNSC के दूसरों सदस्यों की तरफ से लाए गए प्रस्तावों पर चीन अब तक चार बार अड़ंगा लगा चुका था. 2009 , 2016 , 2017 और मार्च 2019 में भारत ने प्रस्ताव रखा था. चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए अड़ंगा लगा दिया था. 2016 में भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध परिषद के समक्ष दूसरी बार प्रस्ताव रखा. इन्ही देशों के समर्थन के साथ भारत ने 2017 में तीसरी बार यह प्रस्ताव रखा. इन सभी मौकों पर चीन ने वीटो का इस्तेमाल कर ऐसा होने से रोक दिया था. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से जैश सरगना अजहर पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर चीन ने मार्च 2019 में भी वीटो लगा दिया था. भारत ने अमेरिका और फ्रांस के साथ पुलवामा आतंकी हमले के बाद कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज शेयर किए थे ताकि मसूद के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किया जा सके. फ्रांस , ब्रिटेन और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा सेंक्शन्स कमिटी के तहत अजहर को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव 27 फरवरी 2019 को पेश किया था.

UNSC में 5 स्थायी सदस्य अमेरिका , ब्रिटेन , फ्रांस , रूस और चीन हैं. स्थायी सदस्यों के पास किसी भी प्रस्ताव को वीटो करने का अधिकार होता है. UNSC में 10 सदस्य अस्थायी होते हैं, जिनका कार्यकाल 2 साल का होता है.

पुलवामा हमले के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कराने के लिए UNSC में प्रस्ताव दिया था. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को CRPF के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. मसूद अजहर इस संगठन का सरगना है.

जैश-ए-मोहम्मद का भारत में कई आतंकी हमलों के पीछे हाथ रहा है. इन हमलों में संसद पर हमला , जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर हमला , पठानकोट एयरबेस अटैक और पुलवामा हमला शामिल हैं. जैश-ए-मोहम्मद संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रतिबंधित आतंकी संगठन है , लेकिन इसका सरगना मसूद अजहर अभी तक संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध से बचा हुआ था

लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया। इससे पहले चीन ने सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत मसूद को ब्लैकलिस्ट करने के प्रस्ताव से अपने कदम पीछे खींच लिए जबकि अबतक वह बार-बार अड़ंगा लगा रहा था।

First Published : 01 May 2019, 09:48:33 PM

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