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NSA के तहत पत्रकार की गिरफ्तारी पर मणिपुर के सीएम ने कहा, पीएम मोदी जैसे राष्ट्रीय हीरो का अपमान बर्दाश्त नहीं

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने पत्रकार किशोरचंद वांगखेम की गिरफ्तारी पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वे झांसी की रानी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे राष्ट्रीय नायकों का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Saketanand Gyan | Updated on: 25 Dec 2018, 06:48:01 AM
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने पत्रकार किशोरचंद वांगखेम की गिरफ्तारी पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वे झांसी की रानी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे राष्ट्रीय नायकों का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. बता दें कि मणिपुर और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली सरकार की सोशल मीडिया पर आलोचना करने के आरोप में इंफाल के पत्रकार वांगखेम को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत स्थानीय कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई जिसे रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.

एन बिरेन सिंह ने कहा, 'मैं आलोचना बर्दाश्त कर सकता हूं लेकिन अपने नेताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता हूं. उन्होंने (किशोरचंद वांगखेम) पीएम मोदी और झांसी की रानी जैसे नेशनल हीरो का गाली देने के साथ-साथ अपमान किया था. यह पूरी तरह से अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ है.'

उन्होंने पत्रकार की गिरफ्तारी पर कहा, 'यह सही है या नहीं, यह कोर्ट का काम है. यह एक लोकतांत्रिक देश है, हमें आलोचना करने का अधिकार है लेकिन हमें नहीं भूलना चाहिए कि इसमें कुछ प्रतिबंध भी हैं.'

पत्रकार किशोरचंद वांगखेम ने राज्य में रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाने को लेकर मणिपुर सरकार की आलोचना की थी. राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के एडवाइजरी बोर्ड ने 11 दिसंबर को हुई बैठक में पत्रकार किशोरचंद वांगखेम के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की थी. 13 दिसंबर को बोर्ड ने सिफारिश की थी कि वांगखेम को हिरासत में लेने के लिए एनएसए के प्रावधानों के तहत पर्याप्त सबूत हैं.

वांगखेम ने कथित तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को 'केंद्र की कठपुतली' और 'हिंदुत्व की कठपुतली' बताया था. 39 वर्षीय वांगखेम को एनएसए के तहत 26 नवंबर को केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार की आलोचना करने के कारण हिरासत में लिया गया था. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन अगले दिन रासुका के तहत उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.

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अधिकारियों ने कहा था कि किशोरचंद वांगखेम एक स्थानीय टीवी चैनल में पत्रकार हैं. 19 नवंबर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती थी जिनकी 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका रही थी. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक अपने वीडियो में वांगखेम ने कथित तौर पर कहा है कि वह यह जानकर दुखी और स्तब्ध हैं कि मणिपुर में मौजूदा सरकार झांसी की रानी की जयंती मना रही है.

उन्होंने कथित तौर पर कहा कि झांसी की रानी ने जो किया उसका मणिपुर से कुछ लेना देना नहीं है और राज्य उनकी जयंती मना रहा है क्योंकि केंद्र ने उससे ऐसा करने को कहा है.

First Published : 24 Dec 2018, 11:25:35 PM

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