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दिल्ली : दिवाली की रात बोनट पर हवलदार को लटका डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ाता रहा कार

घटना वाली रात हवलदार प्रवीण साथी सिपाही सुभाष, चेतराम और राज कुमार के साथ मुकरबा चौक पर ड्यूटी कर रहा था.

By : Ravindra Singh | Updated on: 30 Oct 2019, 08:14:47 PM
दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस (Photo Credit: आईएएनएस)

highlights

  • दीपावली की रात भी बदमाशों ने अपने हाथ आजमाए
  • सिरफिरे ने हवलदार को बोनट पर लादकर दौड़ाई कार
  • दिवाली की रात नकली पुलिस बनकर विदेशियों को लूटा
  • दिल्ली पुलिस ने 500 लोगों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली:

जब देश दिवाली (Diwali) का जश्न मना रहा था, उसी वक्त एक सिरफिरा चालक कार के बोनट पर दिल्ली पुलिस के एक हवलदार को लगभग डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ाता रहा. घटना से पीड़ित हवलदार इस कदर सहम गया कि उसने केस भी अगले दिन दर्ज कराया. घटना दिल्ली के समयपुर बादली इलाके की है. सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात हवलदार प्रवीण साथी सिपाही सुभाष, चेतराम और राज कुमार के साथ मुकरबा चौक पर ड्यूटी कर रहा था. उसी समय काले शीशे की स्विफ्ट कार देखकर उसे उन्होंने रुकने का इशारा किया. कार चालक ने जैसे ही गति कम की सिपाही सुभाष कार का दरवाजा खोलने लगा. इसी बीच कार चालक ने गति बढ़ा दी. सामने खड़ा हवलदार प्रवीण खुद की जान बचाने के लिए कार के बोनट पर जा पहुंचा. दरअसल, खुद को पुलिस वालों से घिरा देखकर कार चालक ने स्पीड बढ़ा दी थी. उसके बाद तेज रफ्तार कार पर हो रहे तमाशे को जिस किसी ने देखा, उसी ने दातों तले उंगली दबा ली.

कार चालक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक उसी तेज रफ्तार में कार को इधर-उधर काटता-घुमाता रहा, ताकि बोनट पर लटका हवलदार प्रवीण किसी तरह नीचे गिर जाए. हवलदार प्रवीण करीब डेढ़ किलोमीटर तक तो खुद को बोनट पर संभाले रहा, जब उसे लगा कि कार-बोनट से उसकी पकड़ कमजोर पड़ रही है तब उसने साइड में छलांग लगाकर अपनी जान तो बचा ली, लेकिन इस कोशिश में उसके बदन में गंभीर चोटें आ गईं.  साथियों ने हवलदार प्रवीण को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है.

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राष्ट्रीय राजधानी (National Capital) में खुद को पुलिस वाला बता रहे अज्ञात लोगों ने तीन विदेशियों को लूट लिया. थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में साफ-साफ कहा गया है कि लूटने वाले वर्दी में थे. लुटेरों ने पीड़ितों को पुष्टि के लिए अपने परिचय पत्र (I-Card) भी दिखाये, जिन्हें देखने से साबित हो रहा था कि वे पुलिस वाले रहे होंगे. हांलांकि, इस सनसनीखेज मामले पर दिल्ली पुलिस ने चुप्पी साध रखी है. 

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यही नहीं, दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए कई दिनों से जूझ रही दिल्ली पुलिस को दिवाली की रात तक बड़ी कामयाबियां भी हाथ लगीं. मसलन करीब 500 लोगों को विभिन्न स्थानों से अलग-अलग धाराओं में गिरफ्तार किया गया. सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए रात 10 बजे के बाद पटाखे चलाने के मामले में 315 केस पूरी दिल्ली में दर्ज किए गए. इन मामलों में करीब 166 लोग गिरफ्तार हुए. इसी तरह दिवाली की रात विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज 56 मामलों में 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दिवाली वाली रात दिल्ली पुलिस नियंत्रण कक्ष को छोटी-बड़ी सब मिलाकर अलग-अलग स्थानों से 940 'कॉल्स' प्राप्त हुईं.

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दिल्ली पुलिस प्रवक्ता अनिल मित्तल के मुताबिक, "प्रतिबंधित पटाखों को खोजने के लिए पूरी दिल्ली में पुलिस की लाइसेंसिंग शाखा और जिला पुलिस ने संयुक्त छापामारी अभियान भी चलाया. इस संयुक्त अभियान में करीब 10 हजार किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे भी जब्त किए गए." जानकारी के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली और उत्तर पूर्व जिलों में दीपावली की रात एक भी शख्स को गिरफ्तार नहीं किया गया.

First Published : 30 Oct 2019, 08:14:47 PM

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