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काशी विश्वनाथ दरबार में शुरू हुई शिव रसोई, PM मोदी ने किया था उद्घाटन

पहले चरण में शिव की रसोई में सिर्फ एक समय यानी दोपहर का भोजन बनेगा. इसके लिए प्रशासन की ओर से शहर के लोगों से सहयोग की अपील की गई है. इसमें न्यूनतम 11 हजार रुपये सहयोग के रूप में देने वाले परिवार के हाथ सबसे पहले प्रसाद का वितरण होगा.

Written By : सुशांत | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 24 Mar 2021, 05:27:19 PM
lord shiv kitchen

शिव रसोई (Photo Credit: न्यूज स्टेट)

highlights

  • वाराणसी में बनी शिव रसोई में 11 तरह के व्यंजन
  • शिव रसोई में 500 से ज्यादा लोगों को मिलेगा भोजन
  • शिव रसोई में होगी नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था

वाराणसी:

शिव की नगरी काशी में शिव रसोई की शुरूआत की गयी. काशी विश्वनाथ दरबार के अन्नक्षेत्र में रंगभरी एकादशी के दिन से अन्न क्षेत्र का उद्घाटन किया गया. बाबा दरबार में भोजन और प्रसाद की व्यवस्था को देखते हुए तैयारियों को पहले ही अमलीजामा पहना दिया गया था. अब  बाबा को भोग लगाने के साथ ही अन्न क्षेत्र का वैदिक परंपराओं के अनुरूप उद्घाटन किया गया. बाबा की इस रसोई में नी:शुल्क प्रति दिन 500 से अधिक भक्तों को भोजन वितरित किया जाएगा पांच मंजिला शिव रसोई पूरी तरह वातानुकूलित बनाया गया है. बाबा भोले की रसोई कैसी है और किस तरह से 500 से भी अधिक भक्तों का खाना बनाया जा रहा है बाबा की अनोखी रसोई में  आपको लेकर जा रहे न्यूज़ नेशन संवादाता सुशान्त मुखर्जी ने.

बाबा भोले की रसोई में नित्य 500 से अधिक भक्त अन्न प्रसाद ग्रहण कर पाएंगे तो श्रद्धालुओं के लिए सेवा का योग भी बनेगा. पहले चरण में शिव की रसोई में सिर्फ एक समय यानी दोपहर का भोजन बनेगा. इसके लिए प्रशासन की ओर से शहर के लोगों से सहयोग की अपील की गई है. इसमें न्यूनतम 11 हजार रुपये सहयोग के रूप में देने वाले परिवार के हाथ सबसे पहले प्रसाद का वितरण होगा. प्रसाद बनाने में सहयोग कर सकेंगे तो मंदिर की एक आरती में सपरिवार भाग लेने का मौका भी मिलेगा.

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का अन्नक्षेत्र का पिछले साल पीएम ने लोकार्पण किया था. इस जी प्लस फाइव मंजिला भवन को 13 करोड़ रुपये खर्च कर बनाया गया है. इसे संचालित करने के लिए लोग आगे आये है खास बात ये है इस रसोई की लोग इसे खुद संचालित करेंगे आज बाबा की रसोई का उदघाटन धर्मार्थ मंत्री नीलकंठ तिवारी ने किया और बाबा के प्रसाद के रूप में सभी को वितरित भी किया. देवा दी देव महादेव की रसोई के शुरू होने से पहले बाबा को गयारह प्रकार के व्यंजन का भोग चढ़ाया गया इसके बाद इस रसोई की शुरुवात हुई.

पीएम मोदी और सीएम योगी ने की ये खास शुरुआत
परंपरा के साथ धार्मिक मान्यता को जोड़ते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी ने एक खास शुरुआत इस खास दिन की है. इस आरंभ का नाम है- शिव रसोई. जी हां, इस बार गौने की बारात के बाद विदा होकर जब अन्नपूर्णा मां पार्वती अपने ससुराल यानी विश्वनाथ धाम पहुंचीं तो उन्होंने ससुराल की रसोई में अपने पति और काशी पुराधिपति विश्वेश्वर महादेव के नाम से रसोई शुरू की.पहले चरण में शिव की रसोई में सिर्फ एक समय यानी दोपहर का भोजन बनेगा.

13 करोड़ 10 लाख की लागत से बनी है शिव रसोई
आगे सहयोग बढ़ने पर इसे सुबह और शाम दोनों वक्त संचालित किया जाएगा. इसके लिए प्रशासन की ओर से शहर के लोगों से सहयोग की अपील की गई है. जिसमें बढ़-चढ़ कर लोग आगे आए हैं.इस शिव रसोई के पांचवें मंजिल पर रसोई है जहां लगातार भोजन बनने का काम जारी है. वाराणसी में शिव रसोई का निर्माण 13 करोड़ 10 लाख की लागत से की गई है ओर रसोई में जाने से पहले भव्य गेट भी बनाया गया है.

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First Published : 24 Mar 2021, 04:35:46 PM

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