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किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली में घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने रोका

किसानों और सरकार के बीच बुधवार को सातवें दौर की बातचीत में दो मुद्दों पर बात बन गई है. हालांकि, दो बड़े मुद्दों- कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग और मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी MSP पर लीगल गारंटी को लेकर अभी भी बात नहीं बन पाई है. 

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 31 Dec 2020, 02:40:54 PM
Farmers Protest Live Updates

किसान आंदोलन (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

दिल्ली के अलग अलग बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन का आज 36वां दिन है. किसानों की सरकार के साथ बातचीत बुधवार को पटरी पर तो लौटी और बिजली के शुल्क तथा पराली जलाने से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर उनकी चिंताओं को दूर करने पर सहमति भी बनी, लेकिन नए कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दायरे में लाने की उनकी मुख्य मांग पर कुछ फैसला नहीं हो सका. 

जयपुर दिल्ली हाइवे पर शाहजहांपुर में जाम लगा कर बैठे किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली की ओर बढ़ने की कोशिश की. कुछ किसान ट्रैक्टर लेकर बैरिकेडिंग के अंदर घुसे और दिल्ली की ओर बढ़ने लगे. इस दौरान हरियाणा पुलिस ने रोका. 

किसानों की इस बैठक में तय किया जाएगा कि चार जनवरी को होने वाली सातवें दौर की बैठक में एजेंडा क्या होगा. 

किसान संगठनों और सरकार के बीच अभी भी पूरी सहमति नहीं बनी है. शुक्रवार को सिंधु बॉर्डर पर 80 किसान संगठनों की बैठक होगी. 

केरल विधानसभा में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया. प्रस्ताव में कहा गया है, किसानों की वास्तविक चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए और केंद्र को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस के आलोक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर तीन दिवसीय ‘गाय बचाओ-किसान बचाओ’ कांग्रेस संदेश यात्रा निकाले जाने से पहले ही पुलिस ने यात्रा के आयोजक एवं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष को सुबह से ही उनके आवास पर नजरबंद कर दिया और दोपहर बाद रैली संपन्न होने तक पुलिस उनके पर घर पर मौजूद रही.

सरकार और किसान संगठनों के बीच मुख्य मांगों पर अब चार जनवरी को फिर से चर्चा होगी. बहरहाल, यह तय हो गया कि इन विवादास्पद कानूनों पर आंदोलनरत किसानों की समस्याओं का समाधान अगले साल ही हो सकेगा.

किसानों और सरकार के बीच बुधवार को सातवें दौर की बातचीत में दो मुद्दों पर बात बन गई है. हालांकि, दो बड़े मुद्दों- कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग और मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी MSP पर लीगल गारंटी को लेकर अभी भी बात नहीं बन पाई है.

First Published : 31 Dec 2020, 07:41:53 AM

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