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Farmers Protest:विरोध करना अधिकार है, क्यों रोका जा रहा किसानों को: पंजाब सीएम

किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग बाधित रहेगा. प्रशासन ने रूट डायवर्ट किया है. जिन्हें चंडीगढ़ जाना है तो वह खरखौदा से रोहट नहर पुल से बड़वासनी से गन्नौर के रास्ते जीटी रोड से जाएंगे.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 26 Nov 2020, 02:54:22 PM
Farmers Protest Live Updates

किसानों की रैली (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

किसान रैली को लेकर किए गए ऐलान पर दिल्ली में पुलिस हाई अलर्ट पर है. पुलिस ने अपने अपने जिला बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी है. पुलिस खासकर बड़ी गाड़ियों को चेक कर रही है. कल दोपहर बाद से ही पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया है. इतना ही नहीं रात में अलग-अलग जिला पुलिस की टीम बॉर्डर एरिया पर चेकिंग बढ़ा दी. ताकि पता चल सके कि बड़ी गाड़ियों में तो लोग भर कर नहीं आ रहे हैं.

विरोध करना लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, अगर हमारा संविधान उन्हें अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार देता है तो आप क्यों उन्हें रोक रहे हो?: कृषि बिलों के विरोध में किसानों के दिल्ली कूच पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह

हरियाणा: पंजाब से दिल्ली की ओर जाने वाले किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने करनाल में वाटर कैनन और आंसू-गैस के गोले दागे. दिल्ली-करनाल हाईवे पर सुरक्षा और अधिक बढ़ गई क्योंकि किसानों ने बैरिकेड्स तोड़कर दिल्ली की ओर जाने की कोशिश कर अपना विरोध तेज कर दिया.


हरियाणा: पुलिस करनाल में इकट्ठा हुए किसानों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल की.कृषि कानून के खिलाफ किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं. 


दिल्ली: किसानों की दिल्ली चलो आंदोलन के मद्देनजर सिंघू सीमा (दिल्ली-हरियाणा सीमा) पर सुरक्षा कड़ी और बैरिकेडिंग की जा रही है.


हरियाणा: कृषि कानूनों के विरोध में शाहबाद से दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है.


दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर हैवी ट्रैफिक. दिल्ली चलो प्रोटेस्ट मार्च की वजह से गाड़ियों की लगी लंबी कतार.


झारखंड में लेफ्ट पार्टिज ने लेबर और कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया. रांची में विरोध प्रदर्शन किया गया. एक प्रदर्शनकारी का कहना था कि हम अपनी अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र पर हमले को स्वीकार नहीं करेंगे. हम पुराने कानूनों को वापस लाएंगे. यह अंबानी या अडानी की संपत्ति नहीं बल्कि हमारा देश है.


किसानों की 'दिल्ली चलो' कॉल के मद्देनजर सिंघू बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर निगरानी के लिए भारी सुरक्षा तैनात और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. डीसीपी कहते हैं, '' कोई भी किसान समूह इस दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. मेरे समकक्षों द्वारा समान जानकारी साझा की गई थी. हम वाहनों की जाँच कर रहे हैं.


हरियाणा: दिल्ली में प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया. क्योंकि उन्होंने अंबाला के सदोपुर बॉर्डर पर पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की.



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हरियाणा: कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए दिल्ली में आगे बढ़ने के लिए, करनाल के कर्ण झील क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में इकट्ठा किसान.


कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए हरियाणा और पंजाब के बीच शंभू बॉर्डर पर एकत्रित किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मी फायर टियर गैस के गोले का इस्तेमाल करते हैं.


किसानों से समर्थन मूल्य छीनने वाले कानून के विरोध में किसान की आवाज सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन पर भारी ठंड में पानी की बौछार मारती है. किसानों से सबकुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्जमाफी, एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं : प्रियंका गांधी


रोहतक: किसानों की 'दिल्ली चलो' के विरोध में रोहतक-झज्जर सीमा पर तैनात सुरक्षा मार्च.


अंबाला (हरियाणा) के पास शंभू बॉर्डर पर किसानों का विरोध जारी है, क्योंकि पुलिस उन्हें दिल्ली जाने से रोक रही है,


हरियाणा: किसान दिल्ली के रास्ते में, खेत कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए करनाल में इकट्ठा हुए. एक प्रदर्शनकारी कहते हैं, "उन्होंने सड़कों पर मोर्चाबंदी कर दी है, लेकिन हम अभी भी चलने वाले हैं. जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें रास्ता बंद नहीं करना चाहिए था.


फार्म कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली जाने के लिए अंबाला (हरियाणा) के पास शंभू बॉर्डर पर इकट्ठा हुए किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.


दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया. लिखा- खेत के बिल (अब कानून) को वापस लेने के बजाय, किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन, उन पर पानी की तोप का इस्तेमाल कर रोका जा रहा है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है.


अंबाला (हरियाणा) के पास शंभू बॉर्डर पर एकत्रित किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, ताकि खेत कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए दिल्ली जा रहे किसानों को रोका जा सके.


नोएडा से दिल्ली जाने वाले रास्ते पर लंबा जाम. दिल्ली में गाड़ियों को चेक करने के बाद ही मिल रही एंट्री, ट्रैफिक स्लो होने के चलते लगा लंबा जाम.

किसानों के 'दिल्ली चलो' विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली-फरीदाबाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई. फरीदाबाद पुलिस का कहना है, हमारे पास स्पष्ट निर्देश हैं कि भारतीय किसान यूनियन के किसी भी सदस्य को आज और कल दिल्ली में प्रवेश न करने दें. सभी महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदुओं पर पुलिस की टीमें तैनात हैं.


First Published : 26 Nov 2020, 08:12:30 AM

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