News Nation Logo

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की लिस्ट जारी, SC जज बनाने के लिए 9 नामों की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट में आखिरी बार सितंबर 2019 में जजों की नियुक्ति हुई थी. उसके बाद से यहां जज रिटायर होते जा रहे थे, लेकिन नियुक्ति नहीं हो रही थी.

News Nation Bureau | Edited By : Ritika Shree | Updated on: 18 Aug 2021, 08:36:38 PM
Supreme Court Collegium

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • कॉलेजियम ने जिन तीन महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है
  • कॉलिजयम की बैठक के बाद जिन  9 जजों की नियुक्ति की सिफारिश केंद्र को भेजी गई है
  • पिछले हफ्ते ही जस्टिस आरएफ नरीमन के रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों के 9 पद खाली थे

नई दिल्ली:

SC कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए इन  9 नामों की सिफारिश सरकार को भेजी है. 17 अगस्त को हुई, कॉलिजयम की बैठक के बाद जिन  9 जजों की नियुक्ति की सिफारिश केंद्र को भेजी गई है. इनमें 3 महिला जज हैं. साथ ही एक वरिष्ठ वकील की सीधे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है. आज चीफ जस्टिस ने बिना आधिकारिक घोषणा के लिए जजों की नियुक्ति के बारे में ही रही मीडिया रिपोर्टिंग पर सख्त नाराजगी जाहिर की थी. पर अब SC वेबसाईट पर कॉलिजयम की सिफारिश की आधिकारिक जानकारी दे दी गई है. 

यह भी पढ़ेः कांग्रेस ने अजय कुमार को सिक्किम, नागालैंड, त्रिपुरा का प्रभारी बनाया

कॉलेजियम की ओर से जिन नामों की सिफारिश की गई है, उनमें कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एएस ओका, गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ, सिक्किम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जेके माहेश्वरी, केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सीटी रवींद्र कुमार और केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस एमएम सुंदरेश शामिल हैं. वहीं, कॉलेजियम ने जिन तीन महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है, उनमें तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली, गुजरात हाईकोर्ट की जज जस्टिस बेला त्रिवेदी और कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना हैं. अगर जस्टिस नागरत्ना के नाम पर केंद्र सरकार तुरंत मुहर लगाती है तो 2027 में वो देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बन सकती हैं.  

यह भी पढ़ेः भारत, वियतनाम ने दक्षिण चीन सागर में समुद्री अभ्यास किया

सुप्रीम कोर्ट में आखिरी बार सितंबर 2019 में जजों की नियुक्ति हुई थी. उसके बाद से यहां जज रिटायर होते जा रहे थे, लेकिन नियुक्ति नहीं हो रही थी. पिछले हफ्ते ही जस्टिस आरएफ नरीमन के रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों के 9 पद खाली थे.  उनके रिटायर होने के बाद जस्टिस एलएन राव कॉलेजियम में शामिल हो गए थे. सूत्रों के मुताबिक, कॉलेजियम सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेद होने की वजह से नामों पर सहमति नहीं बन पा रही थी, जिस वजह से नियुक्तियां अटकी हुई थीं. बुधवार को जस्टिस नवीन सिन्हा भी रिटायर हो गये हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में खाली पड़े जजों के पदों की संख्या 10 हो जाएगी. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में जजों की तय संख्या चीफ जस्टिस समेत 34 है. अब जस्टिस नवीन सिन्हा के रिटायरमेंट के बाद जजों की संख्या 24 रह जाएगी.

First Published : 18 Aug 2021, 08:36:38 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो