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कुलभूषण जाधव मामला: इंटरनेशनल कोर्ट में कैसे एक-एक कर खारिज हुई पाकिस्तान की दलील

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने तक उन्हें फांसी नहीं दी जानी चाहिए।

News Nation Bureau | Edited By : Abhishek Parashar | Updated on: 19 May 2017, 07:10:51 AM
कुलभूषण जाधव पर इंटरनेशनल कोर्ट ने लगाई रोक (फाइल फोटो)

कुलभूषण जाधव पर इंटरनेशनल कोर्ट ने लगाई रोक (फाइल फोटो)

highlights

  • कुलभूषण जाधव मामले में काम आई भारत की बेहद सधी हुई रणनीति
  • इंटरनेशनल कोर्ट में भारत, पाकिस्तान को मात देने में सफल रहा
  • भारत की दमदार दलीलों के दम पर कोर्ट ने पाकिस्तान के सारे तर्कों को खारिज कर दिया

New Delhi:

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने तक उन्हें फांसी नहीं दी जानी चाहिए।

भारत ने इस पूरे मामले में बेहद सधी हुई रणनीति के तहत काम किया, जिसकी वजह से इंटरनेशनल कोर्ट में वह पाकिस्तान को मात देने में सफल रहा। भारत की दमदार दलील की वजह से पाकिस्तान के सारे तर्कों को अंतरराष्ट्रीय अदालत ने खाऱिज कर दिया।

1.भारत ने सबसे पहले इस मामले में वियना संधि का हवाला देते हुए पाकिस्तान के खिलाफ अपील की थी। हालांकि पाकिस्तान ने कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे इस मामले को सुनने का अधिकार ही नहीं है। पाकिस्तान का यह दांव उल्टा पड़ गया।

कोर्ट ने पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा उसे इस मामले को सुनने का अधिकार है।

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2.कोर्ट ने जाधव को राजयनिक पहुंच देने का आदेश दिया, जिसका पाकिस्तान यह कहकर विरोध कर रहा था कि जासूसों के मामले में ऐसी कोई पहुंच नहीं दी जा सकती। लेकिन वियना संधि ऐसी पहुंच की इजाजत देता है और पाकिस्तान को इस मोर्चे पर भी हार का सामना करना पड़ा।

3.पाकिस्तान का पूरा जोर कुलभूषण जाधव को जासूस साबित करने का था लेकिन अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने उसके इस अहम तर्क को खारिज करते हुए जाधव को जासूस साबित किए जाने के दावे पर ही सवाल उठा दिया।

कोर्ट ने कहा कि प्राथमिक तौर पर जाधव को जासूस बताने का दावा हम तय नहीं कर सकते लेकिन मामले की पूरी सुनवाई तक हम जाधव की फांसी की रोक लगा सकते हैं।

4.कोर्ट ने भारत की इस दलील को मान लिया कि पाकिस्तान में जाधव की जान को खतरा है और उसे सुरक्षा देना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने पाकिस्तान को इस मामले में सुनवाई पूरी होने तक जाधव की फांसी रोके जाने का आदेश दिया है। 

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अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भारत की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया कि मनगढ़ंत आरोपों के मामले में कुलभूषण को अपना बचाव करने के लिए कानूनी सहायता मुहैया नहीं कराई गई। पाकिस्तान को जाधव के मामले में काउंसलर एक्सेस नहीं देना भारी पड़ गया। साल्वे इसकी मदद से यह बात साबित करने में सफल रहे कि पाकिस्तान पूरे मामले में वियना संधि का उल्लंघन करते हुए मनमाना बर्ताव कर रहा है। 

साल्वे ने अदालत से कहा कि 16 मार्च, 2016 को ईरान में जाधव का अपहरण किया गया और फिर पाकिस्तान लाकर कथित तौर पर भारतीय जासूस के तौर पर पेश किया गया और उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया और सुनवाई भी एकतरफा की गई।

कोर्ट ने भारत की दलील को मानते हुए न केवल जाधव तक भारत को राजनयिक पहुंच का आदेश दिया बल्कि उनकी सजा पर भी रोक लगा दी।

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First Published : 18 May 2017, 04:27:00 PM

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