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कोविड जोखिम भत्ते के लिए अनिश्चितकालीन विरोध पर कर्नाटक के डॉक्टर

कोविड जोखिम भत्ते के लिए अनिश्चितकालीन विरोध पर कर्नाटक के डॉक्टर

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 29 Nov 2021, 03:40:01 PM
Ktaka doctor

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

बेंगलुरु:   कर्नाटक रेजिडेंट डॉक्टरों और इंटर्न ने सोमवार को राज्य भर के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) और अन्य सभी सेवाओं का बहिष्कार किया और कोविड जोखिम भत्ते को तत्काल जारी करने और अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की।

कर्नाटक एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स ने सरकार से कोविड जोखिम भत्ता तत्काल जारी करने और स्नातकोत्तर और इंटर्न के लिए वजीफा का समय पर भुगतान करने का आग्रह करते हुए विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। एसोसिएशन ने शैक्षणिक शुल्क के पुनर्गठन की भी मांग की है।

एसोसिएशन का आरोप है कि कर्नाटक सरकार ने आश्वासन देने के छह महीने बाद भी कोविड जोखिम भत्ता जारी नहीं किया है, जिसके चलते वे अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं।

एसोसिएशन द्वारा जारी विज्ञप्ति में पढ़ा गया कि मेडिकोज और स्वास्थ्य कर्मियों ने एक साल से भी अधिक समय से कोविड महामारी के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा करना जारी रखा हुआ है। सरकार ने सभी रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए अप्रैल 2021 से हर महीने 10,000 रुपये के भत्ते की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक फंड जारी नहीं किया है, जो कि फ्रंटलाइन वर्कर्स की सेवा के प्रति लापरवाही दिखाने के बराबर है।

शैक्षणिक शुल्क 30,000 रुपये से बढ़ाकर 1,20,000 रुपये कर दिया गया है, जो चालीस प्रतिशत की वृद्धि है। महामारी के दौरान मेडिकल छात्रों को बिना किसी रियायत के पूरी राशि देने को कहा गया है। इसका विरोध करते हुए विभिन्न जिलों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने 9 नवंबर को धरना दिया था। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा 10 दिनों के भीतर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिए जाने के बाद विरोध वापस ले लिया गया था।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 29 Nov 2021, 03:40:01 PM

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