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जानें भारत के लिए क्यों खास है PM मोदी की ऑस्ट्रिया यात्रा, जहां चार दशक बाद जा रहा है कोई भारतीय प्रधानमंत्री

PM Modi Austria Visit: प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा का आज आखिरी दिन है. रूस की यात्रा के बाद पीएम मोदी ऑस्ट्रिया के लिए रवाना होंगे. जहां वह बुधवार तक रहेंगे. इस दौरान पीएम मोदी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ऑस्ट्रिया के राष्ट्राध्यक्ष के साथ चर्चा करेंगे.

Updated on: 09 Jul 2024, 06:36 PM

New Delhi:

PM Modi Austria Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय विदेश दौरे पर हैं. सोमवार को पीएम मोदी रूस पहुंचे. जहां उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. आज शाम रूस की यात्रा समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया जाएंगे. पीएम मोदी का ऑस्ट्रिया दौरा कई मायनों में बेहद खास है. क्योंकि चार दशक से ज्यादा समय बाद भारत का कोई प्रधानमंत्री ऑस्ट्रिया की आधिकारिक यात्रा पर जा रहा है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद भारत के पड़ोसी देशों के साथ ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों के साथ संबंधों को मजबूत किया है. फिर चाहे वह पड़ोसी देश बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका हो या यूरोपीय देश इंग्लैंट, इटली, फ्रांस और जर्मनी. पीएम मोदी की ख्याति के साथ-साथ भारत का दायता भी लगाता बढ़ रहा है. इस कड़ी में अब ऑस्ट्रिया भी शामिल होने वाला है.

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आज शाम ऑस्ट्रिया पहुंचेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना पहुंचेंगे. जहां वह ऑस्ट्रिया के चांसलर नेहमर से मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी की ऑस्ट्रिया यात्रा को लेकर नेहमर पहले ही खुशी जता चुके हैं. उन्होंने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि, वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के प्रधानमंत्री का वियना में स्वागत करने के लिए बेहद उत्सुक हैं. नेहमर ने आगे कहा कि पीएम मोदी की ये यात्रा उनके लिए विशेष सम्मान है, क्योंकि 40 से ज्यादा साल बाद किसी प्रधानमंत्री की मेरे देश की यह पहली यात्रा है. उन्होंने कहा कि  यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमें भारत के साथ राजनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने और भू- राजनीतिक चुनौतियां पर बेहतरीन सहयोग के बारे में बात करने का अवसर मिलेगा.

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दोनों देशों के आर्थिक संबंध होंगे मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रिया दौरे पर दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे. इसके साथ ही वे ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी. बता दें कि पीएम मोदी की ऑस्ट्रिया यात्रा इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि 41 साल बाद भारत का कोई प्रधानमंत्री इस यूरोपीय देश की यात्रा कर रहा है. आखिरी बार साल 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ऑस्ट्रिया की यात्रा पर गईं. पीएम मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा में ऑस्ट्रिया जाने का फैसला इस बात को दर्शाता है कि वे यूरोपीय राष्ट्र के साथ राजनयिक संबंधों को मजबूत करने को कितना महत्व देते हैं.

इसलिए भी खास है पीएम मोदी का ये दौरा

अपनी यात्रा को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि वे भारत और ऑस्ट्रिया के बीच 'संबंधों को मजबूत करने' पर चर्चा करने के साथ-साथ सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए उत्सुक हैं. पीएम ने कहा कि ऑस्ट्रिया की उनकी यात्रा एक 'ऐतिहासिक अवसर' है, क्योंकि यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने के अवसर पर हो रही है. पीएम की इस यात्रा से भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को बढ़ावा मिलेगा. बता दें कि भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज को इस साल फरवरी में लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के स्टार्टअप्स के बीच सहयोग और ज्ञान का आदान प्रदान करना है.

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जानें क्या है भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज?

बता दें कि बीते सप्ताह ही भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि ऑस्ट्रिया के श्रम और अर्थव्यवस्था मंत्री मार्टिन मार्टिन कोचर की नई दिल्ली यात्रा के दौरान शुरू किए गए भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज की "शुरुआत बहुत ही आशाजनक रही है." भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज एक सहयोगात्मक पहल है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के बीच संबंधों और सहयोग को बढ़ावा देना है. विदेश सचिव (पश्चिम) पवन कपूर ने कहा कि, "जून में लगभग 20 भारतीय स्टार्टअप ने एक बहुत बड़े कार्यक्रम के लिए वियना का दौरा किया."

इसका उद्देश्य निवेशकों, भागीदारों और सलाहकारों के साथ दोनों देशों के स्टार्टअप के बीच संबंधों को सुगम बनाना है, साथ ही ज्ञान के आदान-प्रदान के साथ-साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना भी है. इससे दोनों देशों के दोनों के स्टार्टअप को नए बाजारों तक पहुंच मिलेगी. साथ ही उनके बीच संयुक्त उद्यमों और सह-निर्माण उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा. टेक इनोवेशन के उद्देश्य से ये दोनों देशों के लिए एक स्टार्टअप ब्रिज का काम कर रहा है.

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दोनों देशें के बीच बढ़ रहा व्यापार

बता दें कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार में भी बढ़ोतरी हो रही है. स्टेटिस्टिक ऑस्ट्रिया के मुताबिक, साल 2021 में भारत ने ऑस्ट्रिया के लिए 1.29 बिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि ऑस्ट्रिया से भारत ने आयात 1.18 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा है. इस अवधि के दौरान कुल द्विपक्षीय व्यापार 2.47 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा है.