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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब शशिकला 10 साल तक नहीं लड़ सकती हैं चुनाव, लालू, चौटाला और मसूद पर भी है रोक, जानें क्यों

सु्प्रीम कोर्ट के 2013 के आदेश के मुताबिक शशिकला अब करीब 10 साल तक मुख्यमंत्री नहीं बन सकती हैं। इनके अलावा लालू यादव, चौटाला जैसे कई राजनेता हैं जिन्हें अलग-अलग मामलों में सजा होने के बाद सजा भुगतना पड़ा।

By : Jeevan Prakash | Updated on: 14 Feb 2017, 05:08:27 PM
फाइल फोटो (Image Source- Gettyimages)

फाइल फोटो (Image Source- Gettyimages)

highlights

  • सुप्रीम कोर्ट के 2013 के आदेश के तहत शशिकला 10 साल तक नहीं लड़ सकती हैं चुनाव
  • रशीद मसूद, लालू यादव, ओम प्रकाश चौटाला, जगदीश शर्मा भी हो चुके हैं अयोग्य
  • आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को सुनाया है सजा

नई दिल्ली:

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव शशिकला को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें 4 साल जेल और 10 करोड़ रुपये की सजा सुनाई है। इसी के साथ शशिकला के मुख्यमंत्री बनने के सपने पर भी ग्रहण लग गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया है और ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को बरकरार रखा है। ट्रायल कोर्ट के जज माइकल कुन्हा ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में जयललिता और शशिकला को दोषी करार दिया था।

सु्प्रीम कोर्ट के 2013 के आदेश के मुताबिक शशिकला अब करीब 10 साल तक मुख्यमंत्री नहीं बन सकती हैं। शशिकला पहली ऐसी बड़ी नेता नहीं हैं जिन्हें सजा की वजह से कुर्सी का मोह छोड़ना पड़ेगा। लालू प्रसाद यादव, ओम प्रकाश चौटाला जैसे कई राजनेता हैं जिन्हें अलग-अलग मामलों में सजा होने के बाद सजा भुगतना पड़ा।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का 2013 का फैसला?

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक अगर सांसदों और विधायकों को किसी भी मामले में 2 साल से ज्यादा की सजा होती है तो ऐसे में उनकी सदस्यता (संसद और विधानसभा से) रद्द हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई 2013 को अपने फैसले में कहा था की सजा की अवधि के बाद 6 साल के लिए जनप्रतिनिधि चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 8 (4) निरस्त कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने वकील लिली थॉमस और गैरसरकारी संगठन लोक प्रहरी के सचिव एसएन शुक्ला की जनहित याचिका पर यह फैसला सुनाया था।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लालू प्रसाद यादव, ओम प्रकाश चौटाला जैसे कई राजनेता हैं जिन्हें अलग-अलग मामलों में सजा होने के बाद जेल जाना पड़ा और उनपर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश लागू हुआ।

राहुल ने फाड़ा था अध्यादेश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निरस्त करने के लिए तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार ने अध्यादेश लाया था। जिसके बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस पर नाटकीय ढंग से विरोध जताते हुए 27 दिसंबर को अध्यादेश को फाड़कर कूड़ेदान में फेंकने की बात कही थी। उस वक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में उनके साथ अजय माकन मौजदू थे। राहुल के हाथ में एक कागज था, जिसे उन्‍होंने फाड़ दिया था। इसके कुछ दिनों बाद ही यूपीए सरकार को अध्‍यादेश वापस लेना पड़ा था।

वो नेता जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण होना पड़ा बेदखल

1. सजा के चलते चुनाव लड़ने का अधिकार गंवाने वाले नेताओं में सबसे पहला नाम कांग्रेस नेता रशीद मसूद का है। दिल्ली की एक अदालत ने 1990-91 में अयोग्य छात्रों को फर्जी तरीके से एमबीबीएस सीट दिलाने के मामले में मसूद को दोषी ठहराया था और चार साल की सजा सुनाई थी। मसूद विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में 1990 से 1991 तक स्वास्थ्य मंत्री रहे थे।

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2. लालू प्रसाद यादव: चारा घोटाले में पांच साल की सजा पा चुके बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। हालांकि वह बिहार की राजनीति में काफी सक्रिय हैं। लालू को विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में पांच वर्ष के जेल और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। लालू सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में जमानत पर हैं।

3. जगन्नाथ मिश्र: चारा घोटाला के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को सजा सुनाई गई थी। जिसके कारण वह चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। उन्हें चार साल कैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।

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4. ओम प्रकाश चौटाला: हरियाणा के शिक्षक भर्ती घोटाले में ओम प्रकाश चौटाला को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री चौटाला के बेटे अजय चौटाला भी उनके साथ सजायाफ्ता हैं। दोनों पिता-पुत्र को दिल्ली की रोहणी कोर्ट ने 10-10 साल की सजा सुनाई थी जिसके बाद वह चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। 1999-2000 में चौटाला के मुख्यमंत्री रहते हुए 3206 जूनियर बेसिक टीचरों की भर्ती हुई थी। जिसमें घोटाला हुआ था।

5. जगदीश शर्मा: बिहार के जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेता जगदीश शर्मा को भी चारा घोटाला मामले में दो साल की सजा सुनाई गई है। शर्मा को सांसद रहते हुए 4 साल की सजा हुई थी।

First Published : 14 Feb 2017, 04:26:00 PM

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