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जानें कौन है CRPF पर हुए हमले का मास्टरमाइंड वैश्विक आतंकी मौलाना मसूद अजहर

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(यूएनएससी) ने बुधवार को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया.

News Nation Bureau | Edited By : Vineeta Mandal | Updated on: 01 May 2019, 07:09:05 PM
masood azhar (फाइल फोटो)

masood azhar (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(UN) ने बुधवार को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया. यह नरेंद्र मोदी सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है. 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए दुनिया भर के देशों का समर्थन भारत सरकार को मिला था.वहीं पुलवामा हमले के बाद मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की भारत की कोशिशों के बीच पाकिस्तान भी आखिरकार मसूद पर प्रतिबंध लगाने को राजी हो गया है. 

बता दें कि हाल ही में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर ही था. इस विभत्स हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. आतंकियों ने सीआरपीएफ के उस बड़े काफिले को निशाना बनाया जिसमें 70 से ज्यादा गाड़ियां जम्मू से श्रीनगर की तरफ जा रही थी. आतंकियों के किए आईईडी ब्लास्ट से बस के परखच्चे उड़ गए और शहीद जवानों के अंग सड़कों पर बिखर गए थे. इस हमले का जिस आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने जिम्मेदारी ली थी उसका प्रमुख मसूद अजह ही है.

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पंजाब में जन्मे मौलाना मसूद अजहर को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकीवादी गतिविध के मामले में पहली बार साल 1994 में गिरफ्तार किया गया था. मसूद अजहर को छुड़ाने के लिए उसके साथी आतंकियों ने ने दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस के फ्लाइट IC814 को हाईजैक कर अफगानिस्तान के कंधार ले गए थे. भारतीय पैसेंजरों की जान बचाने के लिए भारत सरकार को आतंकियों से समझौता करना पड़ा था और पैसेंजरों के बदले मसूद अजहर को रिहा करना पड़ा था.

भारत के जेल से आजाद होने के बाद मौलान मसूद अजहर ने पाकिस्तान सरकार की सुरक्षा में रखकर एक के बाद एक भारत पर कई हमले किए.

साल 2008 मुंबई हमला

26 नवंबर 2008 को मुंबई में समुद्र के रास्ते आए 10 आतंकियों ने 72 घंटे तक खूनी तांडव मचाया था और इस हमले में 166 लोग मारे गए थे. इस हमले का मास्टर माइंड भी मसूद अजहर ही था और उसी के संगठन ने हमले की जिम्मेदारी भी ली थी. इस हमले में भारतीय सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए 9 आतंकियों को मार गिराया था जबकि 1 आतंकी अजमल कसाब को फांसी की सजा दी गई थी.

साल 2016 पठानकोट हमला

31 दिसंबर 2015 की रात को जहां पूरी दुनिया और भारत नए साल के स्वागत में जुटा था उसी वक्त जैश ए मोहम्मद के कुछ आतंकी पठानकोट एयरबेस में घुस आए और वायुसेना के सामरिक सुरक्षा के हथियारों और फाइटर जेट पर हमले की कोशिश शुरू कर दी. ये आतंकी हमले के वक्त पाकिस्तान में अपने आका से सीधे संपर्क में थे और उन्हीं के दिशा निर्देश पर घटना को अंजाम दे रहे थे. इस हमले में वायुसेना और एनएसजी के कुल 7 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे और करीब दो दिनों की मुठभेड़ के बाद सभी आतंकियों को मार गिराया गया था. मोहाली की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के सरगना मसूद अजहर और तीन अन्य को पठानकोट हवाईअड्डा हमला मामले में अपराधी घोषित कर दिया. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जेईएम के सरगना अजहर के अलावा उनके भाई मुफ्ती राउफ असगर और उनके साथियों शाहिद लतीफ और काशिफ जन को भी अपराधी घोषित किया है.

आपको बता दें कि जिस आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है उसका मुखिया मौलाना मसूद अजहर पाकिस्तान सरकार के छत्र-छाया में रहता है. बीते साल भारत ने उस संयुक्त राष्ट्र संघ में वैश्विक आतंकी घोषित करवाने की पूरी कोशिश की थी लेकिन चीन की विरोध की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा था.

First Published : 01 May 2019, 06:53:07 PM

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