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Farmers Protest: नासिक से दिल्ली के लिए रवाना हुए किसान, आंदोलन में होंगे शामिल

केंद्र सरकार ने दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के नाम रविवार को फिर एक पत्र भेजकर उनसे वार्ता के जरिए किसानों के मसले का समाधान तलाशने की अपील की.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 21 Dec 2020, 02:56:18 PM
Ramesh Bidhuri

किसान आंदोलन (Photo Credit: न्यूज नेशन )

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के नाम रविवार को फिर एक पत्र भेजकर उनसे वार्ता के जरिए किसानों के मसले का समाधान तलाशने की अपील की. किसान संगठनों को इसे पहले भेजे गए प्रस्तावों और उससे पहले सरकार की ओर बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करने की दिशा में किए गए प्रयासों का हवाला देते हुए सरकार ने उनसे फिर वार्ता शुरू करने की अपील की है और इस संबंध में उनके विचार और वार्ता की तिथि बताने को भी कहा गया है.

यह पत्र केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने क्रांतिकारी किसान यूनियन, पंजाब के प्रेसीडेंट डॉ. दर्शनपाल को पत्र लिखा है और उसकी प्रतिलिपि विभिन्न किसान संगठनों के 39 प्रतिनिधियों को भेजी गई है.

दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में महाराष्ट्र के नासिक के किसान भी सड़कों पर उतरे. नासिक से किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. किसानों नेक हा कि हम लोग आंदोलन कर रहे किसानों को समर्थन देने के लिए दिल्ली जा रहे हैं. तीन कानून खत्म होने तक हम आंदोलन करते रहेंगे. 


मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनो के समर्थन मे कालकाजी विधानसभा द.दिल्ली मे हो रही. “किसान कल्याण कानून समर्थन यात्रा” ईस्ट ऑफ कैलाश से शुरू होकर श्रीनिवासपुरी,कालकाजी से गोविंदपुरी पहुंची. मोदी पर विश्वास जताते हुए जनता ने बडी संख्या मे एकत्रित होकर नए कानूनो का स्वागत किया.


किसान आंदोलन में ब्लड डोनेशन कैम्प लगाया गया. किसानों ने खून से पीएम को चिट्ठी लिखी हैं. किसानों ने पीएम से कृषि कानून को रद्द करने की मांग की हैं. इन किसानों का कहना है की रोज़ किसानों के खून से चिट्ठियां लिखी जाएंगी.

दिल्ली बॉर्डर पर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध लगातार 26वें दिन भी जारी है. किसानों का कहना है कि वे आज से भूख हड़ताल पर बैठेंगे. वहीं, बीकेयू पंजाब के सचिव बलवंत सिंह कहते हैं, हर रोज 11 किसान 24 घंटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठेंगे.


कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने किसानों को एक पत्र लिखकर, उन्हें एक बार फिर से मिलने के लिए आमंत्रित किया. पत्र में सरकार ने किसान नेताओं से मिलने की तारीख के लिए सुझाव भी मांगे. पत्र में कहा गया है कि सरकार किसानों की आशंकाओं पर चर्चा करने के लिए तैयार है.



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दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के की वजह से सिंघू, औचंदी, पियाउ मनियारी, और मंगेश बॉर्डर बंद हैं. कृपया लामपुर, सफियाबाद सबोली और सिंघू स्कूल टोल टैक्स सीमाओं के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग लें. मुकरबा और जीटीके रोड से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है. कृपया बाहरी रिंग रोड, GTK रोड और NH 44.


First Published : 21 Dec 2020, 06:45:18 AM

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