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किसानों का प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री से की मुलाकात

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन 43वें दिन में प्रवेश कर चुका है. दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर किसान डेरा डाले बैठे हैं. मसले का कोई हल न निकलने से अब किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 07 Jan 2021, 07:09:29 PM
Former Independent MLA and Haryana Yuva Kisan Sangharsh Samiti chairman

किसान आंदोलन (Photo Credit: ANI)

नई दिल्ली:

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन 43वें दिन में प्रवेश कर चुका है. दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर किसान डेरा डाले बैठे हैं. मसले का कोई हल न निकलने से अब किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. आज किसान ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे. आज सुबह 11 बजे गाजीपुर से किसान नेशनल हाईवे-24 से होकर डासना से पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से पलवल जाएंगे और पलवल से भी सुबह 11 बजे गाजीपुर के लिए किसान निकलेंगे. रास्ते मे जहां मुलाकात होगी, वहीं पर किसानों की सभा होगी. इसके बाद किसान वापस अपने मोर्चे पर लौट जाएंगे.

दिल्ली: पूर्व निर्दलीय विधायक और हरियाणा युवा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेश यादव - किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ - आज सतलज यमुना लिंक (SYL) मुद्दे पर कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिले.


भारतीय किसान यूनियन के तत्वाधान में 15 गांवां के किसानों की बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा पारित कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का आह्वान किया गया.

दादरी, कासना और सिरसा हालांकि ट्रैक्टर मार्च का एक दल जो सिरसा पहुंचा वहां पर पलवल से और अलग-अलग जगहों से आए किसान एकजुट हुए और सभी ने 26 तारीख यानी 26 जनवरी को 1 लाख ट्रैक्टर लेकर दिल्ली कुच करने की शपथ ली.

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर पर सवार होकर किसान पलवल की तरफ निकल पड़े, तो वही आपकी तालमेल में कमी की वजह से किसान ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर तीन जगह बट गए.

नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर पंजाब के किसान भी दिखने लगे हैं फिलहाल किसानों की इस रैली को 8 तारीख को सरकार और किसान के बीच होने वाली बातचीत के पहले सरकार पर दबाव बनाने के रूप में देखा जा रहा है . किसानों का कहना है कि उन्हें सरकार से उम्मीद जरूर है लेकिन सरकार ने अभी तक सिर्फ हवा हवाई बातें की हैं.

नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर भी किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली. किसान अपनी ट्रॉली के साथ आर्डर क्या महामाया फ्लाईओवर पर इकट्ठा हुए और फिर वहां से चिल्ला बॉर्डर तक कुछ किया इस रैली में 20 से ज्यादा ट्रैक्टर मौजूद किसानों का कहना था किसान 26 जनवरी की परेड में शामिल होंगे उसी के लिए आज रिहर्सल किया गया है बड़ी बात है कि चला बॉर्डर पर अब तक किसानों की संख्या बेहद कम थी लेकिन ट्रैक्टर दिल्ली से यहां बैठे किसानों ने भी एक तरह से अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाया है. 

कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुराड़ी में ट्रैक्टर रैली निकाली.


कृषि कानूनों के विरोध में किसान ट्रैक्टर मार्च कर रहे हैं. नोएडा में महामाया फ्लाईओवर पर किसानों और एडिशनल डीसीपी के बीच बहस हुई है. किसानों का आरोप पुलिस ने जगह जगह किसानों के ट्रैक्टर को रोक रखा है. 

केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि जिस तरह कम्यूनिस्ट लोग राजनीति के लिए आग में घी डाल रहे हैं. वे नहीं चाहते कि देश में शांति हो. मैं किसान यूनियन के भाईयों से कहना चाहता हूं कि शांति बनाए रखें. सरकार वार्ता के लिए हमेशा तैयार है. कल की तारीख भी तय है, कल निश्चित रूप से समाधान निकलेगा.

कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने हरियाणा के पलवल से ट्रैक्टर रैली निकाली है. किसान पलवल से सिंघु बॉर्डर की ओर बढ़ रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी किसानों के जमावड़ा को देखते हुए कोविड संक्रमण फैलने की आशंका जताई है. कोर्ट ने महामारी के दौरान भीड़ को लेकर सरकार से विस्तृत गाइडलाइंस पर अमल सुनिश्चित करने को कहा है.

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पलवल में ट्रैक्टर रैली निकाली


किसानों के टैक्टर मार्च ने गाजियाबाद लाल कुआं को पार कर लिया है. उनका मार्च आगे की तरफ बढ़ता जा रहा है.

नूंह में किसानों के ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए कुंडली-मानेसर-पलवल टोल प्लाज़ा (KMP) पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सब इंसपेक्टर ने बताया कि प्रशासन ने पूरा प्रबंध किया है। किसान रैली का कोई भी ट्रैक्टर KMP पर नहीं चढ़ने दिया जाएगा, टोल पर ही रोक लिया जाएगा.


गाजीपुर बॉर्डर से किसानों ने ट्रैक्टर रैली शुरू कर दी है. किसान आज पूर्वी और पश्चिमी पेरीफेरल एक्सप्रेसवे समेत दिल्ली की चार बॉर्डर पर ट्रैक्टर रैली निकालेंगे.


सिंघु बॉर्डर पर किसानों के ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है.


किसानों के ट्रैक्टर मार्च के मद्देनजर गाजियाबाद में पुलिस प्रशासन अलर्ट है. इस मार्च के दौरान शहर में जाम की बड़ी परेशानी बन सकती है. 

कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर किसान संगठनों द्वारा ट्रैक्टर रैली की योजना को ध्यान में रखते हुए, गुरुग्राम पुलिस ने पहले ही केएमपी और सीमा क्षेत्रों पर अपनी सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है.

सिरसा कट से तिलपता की ओर व बील अकबरपुर से सोनीपत की तरफ जाने वाले वाहन 2 बजे से 5 बजे तक पेरिफेरल रोड पर नहीं जा पाएंगे. एवं सिरसा कट से तिलपता की ओर व बीलअकबरपुर से दादरी की ओर आवश्यकतानुसार डाइवर्ट किया जाएगा.

ट्रैक्टर यात्रा ईस्टर्न पेरीफेरल रोड पर दुहाई ,डासना बील अकबरपुर, सिरसा होते हुए पलवल जाएगी और वहां से वापस आएगी. इस दौरान बील अकबरपुर और सिरसा कट से पलवल की तरफ जाने वाले वाहन 12 बजे दिन से दोपहर 3 तक पेरिफेरल रोड पर नहीं जा पाएंगे, इनको डाइवर्ट किया जाएगा. 

संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में गाजीपुर बॉर्डर से पलवल तक किसानों की ट्रैक्टर यात्रा निकलेगी, जो भारतीय किसान यूनियन राजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री राकेश टिकैत के नेतृत्व में निकाली जाएगी.

First Published : 07 Jan 2021, 06:58:29 AM

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