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अनिवार्य कन्नड़ के खिलाफ 10 वर्षीय बच्चे की याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट का नोटिस

अनिवार्य कन्नड़ के खिलाफ 10 वर्षीय बच्चे की याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट का नोटिस

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 24 Sep 2021, 08:30:01 PM
Karnataka High

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

बेंगलुरू: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक 10 वर्षीय लड़के द्वारा कन्नड़ भाषा को अनिवार्य करने के फैसले पर सवाल उठाने वाली याचिका के संबंध में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

कीर्तन सुरेश, बेंगलुरु में बिशप कॉटन के बॉयज स्कूल में पढ़ता है, जिसका प्रतिनिधित्व उनकी मां एन सुजाता ने किया है, उन्होंने कन्नड़ भाषा शिक्षण अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है, जो कन्नड़ के शिक्षण को पहली या माध्यमिक भाषा के रूप में सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों सहित सभी स्कूल में कक्षा 1 से 10 तक अनिवार्य बनाता है।

याचिका में दावा किया गया है कि अधिनियम कठोर और भेदभावपूर्ण है और संविधान की भावना का भी उल्लंघन करता है।

कर्नाटक सरकार को सीबीएसई और आईसीएसई धाराओं को पढ़ाने वाले संस्थानों में अधिनियम, 2015 को लागू करने से रोकने की मांग करते हुए, याचिका में कहा गया है, कानून अनुचित प्रतिबंध लगाता है और संविधान के अनुच्छेद 19 और 30 का उल्लंघन करता है। इसमें माता-पिता के स्थानांतरण के बाद राज्य में बसाए जा रहे छात्र को ध्यान में नहीं रखा जाता है।

न्यायमूर्ति आर देवदास की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 24 Sep 2021, 08:30:01 PM

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