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कन्नूर विवि आरएसएस के विचारकों की किताबें एमए पाठ्यक्रम से वापस लेगा

कन्नूर विवि आरएसएस के विचारकों की किताबें एमए पाठ्यक्रम से वापस लेगा

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 16 Sep 2021, 09:55:01 PM
Kannur Univerity

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

तिरुवनंतपुरम: कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति गोपीनाथ रवींद्रन ने कुछ दिनों तक सुर्खियां बटोरने के बाद गुरुवार को कहा कि कन्नूर विश्वविद्यालय में लोक प्रशासन में नए शुरू किए गए मास्टर कोर्स के पाठ्यक्रम में शामिल आरएसएस के प्रमुख विचारकों की किताबें वापस ली जाएंगी।

रवींद्रन ने कहा, इस मुद्दे पर विचार करने वाली दो सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने सिफारिश की है कि इसे तीसरे सेमेस्टर में शामिल करने की जरूरत नहीं है। इसे अध्ययन बोर्ड को दे दिया गया है और अंतिम निर्णय अकादमिक परिषद द्वारा लिया जाएगा।

एक बार आवश्यक परिवर्तन किए जाने के बाद इसे अब चौथे सेमेस्टर में शामिल किया जा सकता है।

रवींद्रन ने पिछले हफ्ते अपना पक्ष रखा था और सीपीआई-एम समर्थित स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के विचार के अनुरूप खड़े हुए कि पाठ्यक्रम में प्रमुख आरएसएस विचारकों की पुस्तकों को वापस लेने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी को सीखना है और फिर तय करना है कि कौन सा अच्छा या बुरा है।

विवाद एक हफ्ते तक चला, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाकपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य बिनॉय विश्वन ने इसका कड़ा विरोध किया, जबकि एसएफआई में भ्रम की स्थिति थी, क्योंकि कुछ ने इसका विरोध किया, जबकि कुछ अन्य ने कहा कि कोई नुकसान नहीं हुआ है।

विवाद एम.एस. गोलवलकर, वीर सावरकर और दीनदयाल उपाध्याय की पुस्तकों पर पैदा हुई।

इन पुस्तकों को एमए लोक प्रशासन पाठ्यक्रम के तीसरे सेमेस्टर में अध्ययन के लिए शामिल किया गया है। इस समय यह पाठ्यक्रम केवल कन्नूर जिले के तेलीचेरी के गवर्नमेंट ब्रेनन कॉलेज में पढ़ाया जाता है। इस कोर्स में रवींद्रनाथ टैगोर, गांधी, नेहरू और अन्य ऐसे महान व्यक्तित्वों की पुस्तकें भी हैं।

पिछले हफ्ते रवींद्रन ने जब कहा कि सिर्फ इसलिए इस पाठ्यक्रम को वापस नहीं लिया जाएगा कि विरोध हो रहा है, तब विवाद और बढ़ गया।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 16 Sep 2021, 09:55:01 PM

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