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कमलनाथ के इस्तीफे के बाद बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया, सत्यमेव जयते

मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफे का ऐलान करने के बाद बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है. मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी.

News State | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 20 Mar 2020, 01:41:37 PM
Jyotiraditya Scindia

ज्योतिरादित्य सिंधिया (Photo Credit: फाइल फोटो)

भोपाल:

फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफे का ऐलान करने के बाद बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है. मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी. सच्चाई की फिर विजय हुई है. सत्यमेवजयते. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने में सबसे बड़ा रोल ज्योतिरादित्य सिंधिया का ही है. सिंधिया ने 10 मार्च को कांग्रेस से इस्तीफा दिया. उनके साथ ही कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया. ये विधायक भोपाल से सीधे बेंगलुरु पहुंचे. तभी से वह बेंलगुरू में ही हैं.

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जैसा अंदेशा लगाया जा रहा था वैसा ही हुआ. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट से पहले अपना इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया. कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस के विधायकों को बंधक बनाकर रखा. उनसे जबरन इस्तीफे ले लिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई बार बहुमत साबित किया है लेकिन अगर उनके विधायकों को ही बंधक बनाकर बहुमत साबित करने के लिए कहा जाएगा तो ऐसा संभव नहीं है.

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11 दिसंबर 2018 को परिणाम आया. कांग्रेस को सबसे अधिक सीटें मिली. 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री की शपथ ली. 25 दिसंबर को मंत्रिमडल की शपथ ली. 15 महीनों में मेरा प्रयास रहा कि प्रदेश की तस्वीर बदलें. राजनीतिक जीवन में हमेशा राज्य की हरसंभव मदद की. जनता ने हमें पांच साल का मौका दिया था. मध्य प्रदेश की तुलना छोटे राज्यों से नहीं होती. बीजेपी तो 15 साल मिले थे मुझे 15 महीने मिले. इनमें ढाई महीने लोकसभा चुनाव और आचार संहिता में चले गए. बीजेपी नेता कहते थे कि यह 15 दिन की सरकार है, पहले दिन से बीजेपी ने षड़यंत्र शुरू किया. 22 विधायकों को बंधक बनाने का काम किया. करोड़ों रुपये खर्च कर प्रलोभन का खेल खेला गया. लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जिसकी सच्चाई जल्द सामने आएगी. विधानसभा में तीन पर बहुमत साबित किया. बीजेपी से यह बर्दाश्त नहीं हुआ. ये विश्वासघात मध्यप्रदेश की जनता के साथ हुआ है. जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी.

First Published : 20 Mar 2020, 01:26:27 PM

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