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जोशीमठ के जीएमवीएन गेस्ट हाउस में भी आई दरारें जहां रूके हुए हैं वैज्ञानिक

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 19 Jan 2023, 02:45:01 PM
Johimath Landlide

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

जोशीमठ:   जोशीमठ में लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव से अब स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। यहां जांच करने आए वैज्ञानिक भी अब सुरक्षित नही हैं। जिस जीएमवीएन के गेस्ट हाउस में वैज्ञानिक रुके थे, उसमें दरारें आ गई हैं। यह गेस्ट हाउस भी अब भू-धंसाव की जद में आ गया है।

जोशीमठ में जांच के लिए आने वाले वैज्ञानिकों और अफसरों को गांधी मैदान के पास जीएमवीएन के वीआईपी गेस्ट हाउस में ठहराया गया था।

बुधवार को भवन में दरार दिखते ही कर्मचारियों ने इसकी सूचना चमोली के जिला पर्यटन अधिकारी को दी। गेस्ट हाउस के फस्र्ट फ्लोर के रुम नम्बर 204 से 208 के 5 कमरों की दीवार में पहले हल्की दरारें थी जो अब ओर बढ़ गई हैं। ये दरारें कमरों और कार्यालय की दीवारों पर और ज्यादा उभर आई है। साथ ही निचले तल पर कुछ जगहों पर टाइल्स भी उखड़ने लगी है। जिसके बाद अब गेस्ट हाअस के ये 5 डीलक्स कमरें असुरक्षित हो गए हैं जिनमें पर्यटकों का ठहराना ठीक नहीं होगा। और जल्द ही इस भवन को भी असुरक्षित घोषित करने के आसार हैं।

राहत शिविर के रुप में बनाए गए संस्कृत महाविद्यालय भवनों में भी बारीक दरारें दिखाई दे रही हैं। यहां पर 23 परिवारों को रखा गया है। यहां रह रहे प्रभावित प्रदीप का कहना है कि यहां पर पुरानी दरारें हैं। ऐसी दरारें तो पूरे नगर में दिख रही हैं। इसके अलावा नगर में थाने के पीछे वाले भवनों में भी दरारें आ गई हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में यहां दरारें आई हैं। एक पुलिस कर्मी ने बताया कि थाने के पीछे एक बड़ा गड्ढा बना हुआ है। और दो दिन में यहां दरारें काफी बढ़ी हैं। होटलों को तोड़ने की शुरूआत करने के बाद अब आवासीय भवनों को ढहाये जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बीच बुधवार को आठ और परिवारों को राहत शिविरों में ले जाया गया। अब तक 258 परिवारों को सुरक्षा की ²ष्टि से शिफ्ट किया जा चुका है।

चमोली डीएम हिमांशु खुराना ने बताया कि पांच भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें होटल माउंट व्यू, मलारी इन और लोक निर्माण विभाग के भवन शामिल हैं। भवनों को वैज्ञानिक तरीके से ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं।

भू-धंसाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली द्वारा जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार जोशीमठ नगर क्षेत्र के 9 वार्ड में 849 भवन प्रभावित हुए हैं। इसमें से 181 भवन ऐसे हैं जिनको असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है। सुरक्षा की ²ष्टि से जिला प्रशासन द्वारा अब तक 258 परिवारों के 865 व्यक्तियों को विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है। राहत कार्यों के तहत जिला प्रशासन द्वारा अब तक 500 प्रभावितों को 327.77 लाख रुपये की धनराशि प्रभावित परिवारों में वितरित की जा चुकी है।

प्रभावितों को अब तक 708 खाद्यान किट, 531 कंबल व 926 लीटर दूध, 55 हीटर/ब्लोवर, 79 डेली यूज किट, 48 जोड़ी जूते, 110 थर्मल वियर, 171 हाट वाटर वोटल, 458 टोपी, 280 मौजे, 149 शॉल व 262 अन्य सामग्री का वितरण राहत सामग्री के रूप में किया जा चुका है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है, जिसके तहत राहत शिविरों में रह रहे 707 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में 51 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और 50 पशु चारा बैग वितरण का किया गया।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 19 Jan 2023, 02:45:01 PM

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