Jet Airways की बड़ी लापरवाही, हवा में अटकी यात्रियों की सांसें, नाक और कान से बहने लगा खून

जेट एयरवेज क्रू की लापरवाही के कारण विमान में यात्रियों की जान पर बन पाई. जेट एयरवेज़ की मुंबई-जयपुर फ्लाइट में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया.

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ruchika sharma
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Jet Airways की बड़ी लापरवाही, हवा में अटकी यात्रियों की सांसें, नाक और कान से बहने लगा खून

जेट एयरवेज की लापरवाही (फोटो- @jdjoeld/ट्विटर)

जेट एयरवेज क्रू की बड़ी लापरवाही के कारण विमान में यात्रियों की जान पर बन पाई. जेट एयरवेज़ की मुंबई-जयपुर फ्लाइट 9W 0697 में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. क्रू की गलती के कारण 30 यात्रियों की नाक और कान से खून निकलने लगा. दरअसल, क्रू मेंबर केबिन में ब्ली़ड स्विच दबाना भूल गए थे, जो विमान के अंदर के प्रेशर को मेन्टेन करने में मदद करता है. विमान के ऊंचाई पर पहुंचा पर यात्री हवा की कमी को महसूस करने लगे. इस लापरवाही के कारण बीच हवा में कई यात्रियों के नाक-कान से खून बहने लगा और कई लोगों का सिर दर्द भी उठा. फ्लाइट को मुंबई में लैंड करवाया गया है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पीड़ित यात्रियों का मुंबई एयरपोर्ट पर इलाज किया जा रहा है. विमान में कुल 166 यात्री सवार थे. आठ यात्रियों को इलाज के लिए मुंबई के नानावटी अस्पताल में ले जाया गया है. इस पूरे मामले पर जेट एयरवेज ने माफ़ी मांगी है.

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न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान एक यात्री ने इसे डरावना बताया. यात्री ने कहा, 'ऑक्सीजन मास्क बाहर आ गए थे लेकिन हमें किसी ने भी वार्निंग या निर्देश नहीं दिये. 15 मिनट बाद लैंडिंग की घोषणा की गई लेकिन जगह नहीं बताई. यह काफी डरावना था.'

नानावटी अस्पताल के डॅाक्टर अमोल पाटिल ने कहा, 'सुबह 11 से दोपहर 12 के बीच पांच मरीज़ो को अस्पताल लाया गया है. उनकी आंख और कान से खून बह रहा था. खून को ले लिया गया है. अभी वह स्थिर है और जल्द उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.

उड्डयन महानेदशालय का कहना है कि क्रू को ड्यूटी से हटा दिया गया है और इस मामले की जांच का आदेश दे दिया गया है. एयरक्राफ्ट ऐक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

और पढ़ें: जेट एयरवेज की हालत हुई खस्ता, 60 दिनों बाद ऑपरेट करना मुश्किल, कर्मचारियों की 25% तक घटेगी सैलरी

किंगफ़िशर की राह पर Jet Airways

प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक जेट एयरवेज की वित्तीय हालत लगातार खराब होती जा रही है. पिछले महीने जेट ने अपने कर्मचारियों से कहा कि अगर खर्चे कम नहीं किये गए तो कंपनी के लिए 60 दिन के बाद ऑपरेट करना मुश्किल हो जाएगा. 31 मार्च, 2018 को कंपनी में 16,558 स्थायी कर्मचारी थे. जेट एयरवेज में कुल 16,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं. एयरलाइन की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 में 6,306 अस्थायी/आकस्मिक कर्मचारी थे.

2016 और 2017 तक लगातार दो साल के मुनाफे के बाद वित्त वर्ष 2018 में जेट को 767 करोड़ का घाटा हुआ था.

Source : News Nation Bureau

Crew air pressure Jet Airways
      
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