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मोदी के खिलाफ महागठबंधन पर सवाल, लालू ने ट्वीट कर कहा- बीजेपी को नया गठबंधन पार्टनर हो मुबारक

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार वालों से जुड़े 22 ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया।

News Nation Bureau | Edited By : Abhishek Parashar | Updated on: 17 May 2017, 08:41:56 AM
लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

highlights

  • लालू प्रसाद यादव के परिवार वालों की संपत्ति पर पड़े सीबीआई के छापे के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल
  • सीबीआई के छापे के बाद लालू के ट्वीट से महागठबंधन में दरार को लेकर आई खबरों पर बाद में लालू ने दी सफाई

New Delhi:

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार वालों से जुड़े 22 ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। उन्होंने ट्वीट कर महागठबंधन के बनने और उसके अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया है। 

मंगलवार को आयकर विभाग ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ कथित 'बेनामी' संपत्ति के सिलसिले में उनके 22 ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी से भड़के लालू प्रसाद ने एक ट्वीट कर बिहार के महगठबंधन की सरकार को हिला दिया।

पिछले कुछ महीनों से बिहार में महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। वैसे में लालू के इस ट्वीट ने अटकलों के बाजार को हवा दे दी।

लालू ने कहा, 'बीजेपी को नया अलायंस पार्टनर्स (गठबंधन के सहयोगी) मुबारक हों। लालू प्रसाद झुकने वाला और डरने वाला नहीं है। जब तक आखिरी सांस है, फासीवादी ताकतों के खिलाफ लड़ता रहूंगा।'

लालू के इस ट्वीट के बाद बिहार की सियासत में भूचाल आ गया। माना जा रहा है कि उनके ट्वीट का इशारा महागठबंधन की सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाइटेड की तरफ था।

इससे पहले नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री पद की अपनी महत्वाकांक्षाओं को लेकर लगाई जा रही अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कर दिया था कि वह इतने बड़े मूर्ख नहीं हैं कि 2019 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बन जाए। 

एनडीए जहां 2019 में प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे को आगे रखकर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुका है वहीं विपक्षी दलों का एक धड़ा नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर पेश कर रहा है।

और पढ़ें:लालू ने ट्वीट कर बीजेपी पर बोला हमला, कहा- नए गठबंधन सहयोगी मुबारक हों, मैं डरने वाला नहीं

दरअसल लालू का यह ट्वीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस बयान के बाद आया था, जिसमें उन्होंने सुशील मोदी के आरोपों पर सफाई देते हुए जांच कराए जाने की बात की थी। नीतीश का यह बयान आरजेडी को नागवार गुजरा था और इसके अगले दिन ही लालू यादव और उनके परिवार से जुड़े 22 ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी ने मामले को तूल दे दिया।

दरअसल बीजेपी ने आयकर विभाग की छापेमारी का स्वागत किया और जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी मांग के बाद ही केंद्र सरकार ने कार्रवाई शुरू की है।

कुमार ने सोमवार को कहा था कि अगर आरजेडी प्रमुख और उनके परिवार के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत हैं, तो केंद्र सरकार को मामले में कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

उनका यह बयान बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के उस बयान के प्रतिक्रिया स्वरूप आया था, जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद तथा उनके परिवार के सदस्यों पर बेनामी संपत्ति रखने का आरोप लगाया था।

ट्वीट का मतलब यह गया कि लालू ने अपनी तरफ से महागठबंधन को लेकर संदेश दे डाला है। हालांकि बाद में मामले को तूल पकड़ता देख लालू ने सफाई देते हुए एक और अन्य ट्वीट किया।

लालू ने लिखा, 'ज्यादा लार मत टपकाओ। गठबंधन अटूट है। अभी तो समान विचारधारा के और दलों को साथ जोड़ना है। मैं बीजेपी के सरकारी तंत्र और सरकारी सहयोगियों से नहीं डरता।'

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं होने की खबर सामने आई है। इसे पहले भी नीतीश कुमार ने नोटबंदी के मुद्दे पर आरजेडी और कांग्रेस से इतर राय रखी थी, जिसके बाद महागठबंधन में उठापटक को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी थी।

छापे के बाद लालू का ट्वीट सामने आने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनोद नारायण झा ने कहा, 'नीतीश कुमार के पास आरजेडी के साथ गठबंधन से अलग होने तथा ताजा चुनाव कराने का यह सही समय है।'

वहीं आरजेडी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि आयकर विभाग की छापेमारी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बीजेपी की राजनीति बदले की भावना का एक हिस्सा है। 

सिंह ने कहा, 'लालू प्रसाद के मुखर होने तथा साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले गैर भाजपाई दलों को एकजुट करने के प्रयास के कारण भाजपा उनके खिलाफ साजिश कर रही है।'

क्या है सीटों का समीकरण?

243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा 122है और मौजूदा स्थिति में जेडीयू के पास 71 विधायक हैं।

वहीं महागठबंधन में शामिल आरजेडी के पास 80 जबकि कांग्रेस के पास 27 विधायक हैं। वहीं बीजेपी के 51 विधायक है जबिक एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी के पास 2, राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के 2, एचएएम के 1 और 4 निर्दलीय विधायक हैं।

वहीं नीतीश कुमार इससे पहले भी बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार चला चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी, जेडीयू से अलग हो गई थी।

और पढ़ें: चिदंबरम के 16 ठिकानों पर सीबीआई का छापा, बोले- सरकार मुझे बोलने, लिखने से नहीं रोक सकती

First Published : 16 May 2017, 10:14:00 PM

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