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कश्मीरियत की मिसाल, इमाम-मौलवियों ने कहा... पलायन न करें हिंदू

अनंतनाग ही नहीं बल्कि श्रीनगर, बांदोपोरा, कुपवाड़ा, कुलगाम और शोपियां में भी मस्जिदों के इमाम और मौलानाओं ने हिंदुओं की टार्गेट किलिंग की कड़े शब्दों में निंदा की.

Written By : विजय शंकर | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 04 Jun 2022, 09:32:36 AM
Target Killing

टार्गेट किलिंग के खिलाफ अलग-अलग संगठन कर रहे विरोध-प्रदर्शन. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • कई जिलों की मस्जिदों से हिंदुओं की सुरक्षा की अपील
  • कहा गया सभी कश्मीरी आतंकवाद के खिलाफ हैं एकजुट
  • हिंदुओं से कहा गया कि घाटी छोड़कर कतई न जाएं

श्रीनगर:  

जम्मू-कश्मीर की जिस कश्मीरियत का जिक्र इतिहास में हुआ करता था, वह नजारा शुक्रवार को एक बार फिर देखने को मिला. हिंदुओं की टार्गेट किलिंग के बीच जुमे की नमाज के बाद अनंतनाग की जामिया मस्जिद के इमाम समेत लगभग सभी मस्जिदों के इमाम और मौलवियों ने न सिर्फ आतंकवाद के विरोध में एक सुर अपनाया, बल्कि अल्पसंख्यकों यानी हिंदुओं की सुरक्षा का भी आह्वान किया. आतंकियों के डर को दरकिनार कर घाटी के लोगों ने शुक्रवार को एक सुर में अल्पसंख्यक हिंदुओं की टार्गेट किलिंग की कड़ी निंदा की. साथ ही हर गली-नुक्कड़ और प्रमुख मस्जिदों से नमाज के बाद संदेश दिया गया कि इस्लाम में बेकसूर लोगों की हत्या नामंजूर है. साथ ही कहा गया कि हिंदू पलायन न करें कश्मीर के मुसलमान उनके साथ हैं. 

इस्लाम निर्दोषों की हत्या की इजाजत नहीं देता
गौरतलब है कि कुलगाम में 48 घंटों के अंतराल में शिक्षिका रजनी बाला और एक बैंक मैनेजर की गोली मार कर आतंकियों ने हत्या कर दी थी. इसके बाद हिंदू संगठनों ने सुरक्षा के सवाल पर कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया था. इसके साथ ही हिंदुओं का पलायन भी शुरू हो गया था. इस कड़ी में शुक्रवार का दिन बीते 32 सालों में कश्मीरियत की मिसाल पेश करता नजर आया. अनंतनाग की मस्जिद के इमाम मौलाना फैयाज अमजदी ने कहा कि इस्लाम निर्दोषों की हत्या की इजाजत नहीं देता है. हम हिंदुओं के साथ हैं और उनसे अपील करते हैं कि वे पलायन नहीं करें. इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि वह हिंदुओं को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए.

आतंकवाद के खिलाफ खड़े नजर आए मुसलमान
सिर्फ अनंतनाग ही नहीं बल्कि श्रीनगर, बांदोपोरा, कुपवाड़ा, कुलगाम और शोपियां में भी मस्जिदों के इमाम और मौलानाओं ने हिंदुओं की टार्गेट किलिंग की कड़े शब्दों में निंदा की. इसके साथ ही लगभग सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज जके बाद लोगों से अपील की गई कि वे जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित इस आतंकवाद के खिलाफ खड़े हों. सभी ने हिंदू अल्पसंख्यकों से कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग में वह उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. ऐसे में टार्गेट किलिंग के नए दौर में हिंदू घाटी छोड़कर न जाएं. यह अलग बात है कि जम्मू-कश्मीर के खुफिया सूत्रों का कहना है कि आतंकी आने वाले दिनों में आम लोगों खासकर हिंदुओं को अपना निशाना बना सकते हैं. 

First Published : 04 Jun 2022, 09:32:36 AM

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