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Amit Shah News ( Photo Credit : BJP)
Jammu-Kashmir: लोकसभा में जम्मू-कश्मीर विधेयकों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2023 पर BJP सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि ये बिल बहुत प्रगतिशील और समय के अनुकूल है. वहां(जम्मू और कश्मीर) पर विस्थापितों, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण दिया गया है... यह बिल काबिल-ए-तारीफ है, जिसे अच्छी नीयत के साथ लाया गया था. इसलिए ये बिल बहुत ही सरलता के साथ पास भी हो गया.
#WATCH दिल्ली: जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2023 पर BJP सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, "ये बिल बहुत प्रगतिशील और समय के अनुकूल है। वहां(जम्मू और कश्मीर) पर विस्थापितों, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण दिया गया… pic.twitter.com/o421fT3TXV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 6, 2023
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू वाले बयान पर भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में कई सुधार हो रहे है. गलतियां हैं तभी तो सुधार किए जा रहे हैं. जहां सुधार की गुंजाइश है वहीं सुधार हो सकता है... इसमें कांग्रेस पार्टी को बुरा लगने की कोई बात नहीं है. उन्हें(कांग्रेस) स्वीकारना चाहिए कि हमारे नेता(पंडित जवाहर लाल नेहरू) ने गलती की थी... "
#WATCH | On Union Home Minister Amit Shah's statement regarding former PM Jawaharlal Nehru, BJP MP Sadhvi Pragya Singh Thakur says, "Jawaharlal Nehru himself had accepted it and Union Home Minister Amit Shah also said the same thing today (in the Lok Sabha)... Now if the Congress… pic.twitter.com/IaPHufSrHj
— ANI (@ANI) December 6, 2023
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि कल गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा था कि किसी देश में 1 से अधिक संविधान, 1 से अधिक ध्वज कैसे हो सकते हैं? अगर वे दुनिया भर में देखें तो ऐसे कई देश हैं जहां 1 से अधिक संविधान, 1 से अधिक ध्वज हैं. उदाहरण के लिए, अमेरिका के, 50 राज्यों में हर एक का अपना संविधान और अपना ध्वज है. इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलिया में उनके पास न केवल अपना संविधान है और अपना ध्वज है, बल्कि प्रत्येक राज्य का अपना प्रधानमंत्री भी है... आप कह सकते हैं कि भारत में हम ऐसा नहीं चाहते. यह ठीक है लेकिन यह मत कहो कि किसी भी देश के पास यह नहीं हो सकता क्योंकि अन्य देशों के पास यह है.
आपको बता दें कि लोकसभा में जम्मू-कश्मीर विधेयकों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक देश में दो प्रधानमंत्री, दो संविधान और दो झंडे कैसे हो सकते हैं? जिन लोगों ने ऐसा किया, उन्होंने गलत किया. पीएम मोदी ने इसे ठीक किया. हम 1950 से कह रहे हैं कि देश में 'एक प्रधान, एक निशान, एक विधान' होना चाहिए और हमने यह किया.
Source : News Nation Bureau