News Nation Logo

वाराणसी में जुटे देशभर के दलित नेताओं को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिया चुनावी जीत का मंत्र

वाराणसी में जुटे देशभर के दलित नेताओं को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिया चुनावी जीत का मंत्र

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 18 Sep 2021, 07:45:01 PM
J P

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जुटे देशभर के दलित नेताओं को उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में दलित मतदाताओं को साध कर चुनावी जीत हासिल करने का मंत्र दिया।

नड्डा ने जनधन खाते , अंत्योदय, शौचालय, आवास ,शिक्षा, उज्‍जवला योजना, आयुष्मान भारत , गांवों को बिजली से जोड़ने के अभियान , प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना , मुद्रा लोन सहित केंद्र की मोदी सरकार द्वारा चलाए जा रहे कई योजनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि देश में पहली बार सरकार बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा दिखाए गए सही रास्ते पर चल रही है। नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने दलित समाज के लिए जो कार्य पिछले 7 साल में किए हैं वो पिछली सरकारें 70 साल में भी नहीं कर पाई।

विधानसभा चुनाव को देखते हुए खासतौर से उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं की संख्या के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बुलाई गई भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक का वर्चुअली शुभारंभ करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि मोदी सरकार ने दलितों के हित में जितने कदम उठाए है वो पिछली किसी सरकार ने भी नहीं उठाए थे और कार्यकर्ताओं को यह तथ्य आंकड़ों के साथ लेकर दलित मतदाताओं के पास जाना चाहिए।

नड्डा ने कहा कि सीएए बाबा साहेब अंबेडकर का सपना था जिसे मोदी सरकार ने साकार किया है और इसका सबसे अधिक फायदा दलित समुदाय को ही हुआ है। उन्होने विरोधी दलों पर दलितों का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक की तरह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब का अपमान किया है और भाजपा ने देश से लेकर विदेशी धरती तक उनका मान-सम्मान बढ़ाया है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में ओबीसी मतदाताओं के बाद दलित वोटरों की संख्या काफी ज्यादा है। यूपी विधानसभा की 403 सीटों में से 84 सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। प्रदेश में दलित मतदाताओं की आबादी 21 प्रतिशत के लगभग है और इसमें से भी आधे से अधिक 54 प्रतिशत के लगभग जाटव है। प्रदेश के 42 जिलों में तो दलित मतदाताओं की आबादी 21 प्रतिशत से भी अधिक है। पिछले तीन विधानसभा चुनाव का इतिहास यह बताता है कि जिस राजनीतिक दल को भी एससी के लिए आरक्षित सीटों में से ज्यादा सीटें मिली यानि प्रदेश के दलित ने जिसका साथ दिया , उसी पार्टी की राज्य में सरकार बनी।

ऐसे में भाजपा एससी मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक वाराणसी में करके एक बार फिर से प्रदेश के दलितों का दिल जीतना चाहती है। इसलिए इस दो दिवसीय बैठक में भाजपा यह रणनीति बनाएगी कि किस तरह से उत्तर प्रदेश के दलितों को यह बताया जाए कि भाजपा के राज में उन्हे कितना सम्मान मिला है और केंद्र एवं राज्य की किन-किन योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचा है। दलितों को आवास , उज्‍जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन, कोविड काल में राशन जैसे सरकारी योजनाओं से मिले लाभ के बारे में दलितों को बताया जाएगा और साथ ही दलितों की सुरक्षा के मसले पर बसपा सुप्रीमो मायावती और अखिलेश यादव समेत अन्य विरोधी दलों को भी बेनकाब करने की कोशिश भाजपा नेता करेंगे। दलित कार्यकर्ताओं को यह दायित्व दिया जाएगा कि वे दलित मतदाताओं के पास जाकर उन्हे बताएं कि उनका सम्मान और हित भाजपा के साथ ही सुरक्षित है। उत्तर प्रदेश , उत्तराखंड , पंजाब सहित सभी चुनावी राज्यों के कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की उपलब्धियों की जानकारी दलितों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इस कार्यकारिणी में दी जाएगी।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक का समापन रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समापन भाषण से होगा।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 18 Sep 2021, 07:45:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.