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नेशनल कॅरिकुलम फ्रेमवर्क : अंतरिक्ष वैज्ञानिक कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में समिति बनी

नेशनल कॅरिकुलम फ्रेमवर्क : अंतरिक्ष वैज्ञानिक कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में समिति बनी

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 22 Sep 2021, 01:30:02 AM
ISRO

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को नेशनल स्टीयरिंग कमेटी फॉर डेवेलपमेंट ऑफ नेशनल कॅरिकुलम फ्रेमवर्क का गठन किया। समिति के अध्यक्ष भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन हैं। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का नेतृत्व किया है। साथ ही, वह वह एनईपी, 2020 की मसौदा समिति के अध्यक्ष थे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस विषय में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि समिति, एनईपी 2020 के दृष्टिकोण के अनुसार, समिति चार राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा विकसित करेगी। अर्थात, स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा, बचपन की देखभाल और शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या, शिक्षक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा और प्रौढ़ शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा।

समिति पाठ्यक्रम सुधारों के प्रस्ताव के लिए इन चार क्षेत्रों से संबंधित एनईपी 2020 की सभी सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए स्कूली शिक्षा, प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई), शिक्षक शिक्षा और प्रौढ़ शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी।

समिति इन सभी चार क्षेत्रों के विभिन्न पहलुओं पर राष्ट्रीय फोकस समूहों द्वारा अंतिम रूप दिए गए स्थिति पत्रों पर चर्चा करेगी। समिति राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के लिए टेक प्लेटफॉर्म पर प्राप्त राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा से इनपुट प्राप्त करेगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह समिति सभी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा भविष्य के लिए संबंधित क्षेत्रों पर कोविड-19 महामारी जैसी स्थितियों के निहितार्थ पर भी प्रतिबिंबित करेगी।

समिति अपनी बैठकें आयोजित करते समय विषय विशेषज्ञों, विद्वानों, शिक्षाविदों आदि को जब भी आवश्यक हो आमंत्रित कर सकती है और विचार-विमर्श कर सकती है।

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे के विकास के लिए रणनीति की समय-सीमा को पूरा करने के उद्देश्य से कार्रवाई के पाठ्यक्रम पर निर्णय ले सकती है।

समिति विभिन्न हितधारकों, अर्थात राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों को शामिल करने के बाद और एनसीईआरटी की कार्यकारी समिति (ईसी) और सामान्य निकाय (जीबी) और शिक्षा पर केंद्रीय सलाहकार बोर्ड (सीएबीई) की बैठकों में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा को अंतिम रूप देगी।

राष्ट्रीय संचालन समिति का कार्यकाल इसकी अधिसूचना की तिथि से तीन वर्ष का होगा। निदेशक एनसीईआरटी अपने मॉड्यूल को पूरा करने के लिए एससी की सहायता करेगा। इसके संदर्भ की शर्तो को आवश्यकता के अनुसार विस्तारित किया जा सकता है।

इसके सदस्यों में महेश चंद्र पंत, राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान के वर्तमान चांसलर, नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद शर्मा, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नजमा अख्तर, टी.वी. कट्टिमणि आंध्र प्रदेश (सीटीयूएपी) के पहले कुलपति, फ्रांसीसी मूल के एक भारतीय लेखक मिशेल डैनिनो, पद्मश्री मिलिंद कांबले, दिल्ली विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग के पूर्व प्रोफेसर और एचओडी जगबीर सिंह, भारतीय मूल के एक अमेरिकी गणितज्ञ मंजुल भार्गव, केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड के पूर्व सदस्य एम.के. श्रीधर, पूर्व आईएएस अधिकारी धीर झिंगरान व आधार इंडिया पर काम कर चुके शंकर मरुवाड़ा शामिल हैं।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 22 Sep 2021, 01:30:02 AM

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