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आठवें दौर की वार्ता आज, चीनी सैनिकों के पीछे हटने पर जोर देगा भारत

भारतीय सेना (Indian Army) शुक्रवार को होने जा रही कोर कमांडर स्तर की आठवें दौर की वार्ता में पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में गतिरोध वाले सभी स्थानों से चीनी सैनिकों (PLA) की पूर्ण वापसी पर जोर देगी.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 06 Nov 2020, 07:17:23 AM
India China Talks

चीन अड़ा तो भारत भी हुआ कड़ा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

भारतीय सेना (Indian Army) शुक्रवार को होने जा रही कोर कमांडर स्तर की आठवें दौर की वार्ता में पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में गतिरोध वाले सभी स्थानों से चीनी सैनिकों (PLA) की पूर्ण वापसी पर जोर देगी. आधिकरिक सूत्रों ने गुरुवार को यह बात कही. उन्होंने कहा कि बैठक शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय क्षेत्र की तरफ चुशूल में होगी.

भारत के 50 हजार सैनिक तैनात
पूर्वी लद्दाख में हाड़ जमा देने वाली सर्दी में भारत के लगभग 50,000 सैनिक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्वतीय ऊंचाइयों पर तैनात हैं. छह महीने से चले आ रहे इस गतिरोध को लेकर दोनों देशों के बीच पूर्व में हुई कई दौर की बातचीत का अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है. अधिकारियों के अनुसार चीनी सेना ने भी लगभग 50,000 सैनिक तैनात कर रखे हैं.

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पिछली बातचीत में नहीं निकला ठोस परिणाम
कोर कमांडर स्तर की पिछले दौर की वार्ता 12 अक्टूबर को हुई थी, लेकिन इसका भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकला था. पिछले दौर की बातचीत के बाद दोनों देशों की सेनाओं की ओर से जारी किए गए संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा गया था कि दोनों पक्ष सैन्य एवं राजनयिक माध्यमों से संवाद कायम रखने पर सहमत हुए हैं ताकि गतिरोध को खत्म करने के लिए जल्द से जल्द कोई साझा स्वीकार्य समाधान निकाला जा सके. सैन्य वार्ता के छठे चरण की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने कुछ फैसलों की घोषणा की थी. इसके तहत अग्रिम मोर्चे पर और सैनिकों को नहीं भेजने, एकतरफा तरीके से जमीनी हालात बदलने से परहेज करने और हालात को जटिल बनाने वाली किसी भी कार्रवाई से परहेज की बात कही गयी थी.

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भारत-चीन के बीच गंभीर तनाव
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल में कहा था कि भारत और चीन के बीच ‘‘गंभीर तनाव’’ है तथा सीमा प्रबंधन को लेकर दोनों पक्षों द्वारा किए गए समझौतों का सम्मान किया जाना चाहिए. विदेश मंत्री ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर यथास्थिति में परिवर्तन का कोई भी एकतरफा प्रयास 'अस्वीकार्य' है. आठवें दौर की वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन करेंगे जो लेह आधारित 14वीं कोर के नए कमांडर हैं

First Published : 06 Nov 2020, 07:17:23 AM

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