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लोकसभा चुनाव

प्रियंका गांधी के लिए एकजुट I.N.D.I.A गठबंधन, जानें किस खास चेहरे को प्रचार में लाने की हो रही तैयारी   

Wayanad Bypoll: वायनाड सीट को लेकर प्रियंका गांधी का नाम चर्चाओं में है. वे यहां से उपचुनाव लड़ने जा रही हैं. इस बीच पार्टी इस सीट पर प्रचार के लिए पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी को मनाने का प्रयास कर रही है. 

Updated on: 21 Jun 2024, 04:39 PM

नई दिल्ली:

Wayanad Bypoll:  राहुल गांधी के वायनाड सीट छोड़ देने के बाद प्रियंका गांधी का नाम चर्चा में है. वे यहां से उपचुनाव लड़ने जा रही हैं. आपको बता दें कि राहुल गांधी इस बार के लोकसभा चुनाव में दो सीटों पर चुनाव लड़े थे. दोनों की सीटों पर राहुल गांधी को बड़ी जीत ​मिली. मगर उनके सामने दोनों सीटों में से एक सीट पर ही रहने का विकल्प था. ऐसे में उन्होंने वायनाड की सीट को छोड़कर रायबरेली की सीट को चुना है. अब यहां से उपचुनाव में प्रियंका गांधी मैदान में उतरने वाली हैं. इसे लेकर इंडिया गठबंधन भी दिलचस्पी दिखा रहा है. गठबंधन की सदस्य और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बेनर्जी प्रियंका के लिए प्रचार कर सकती हैं. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ममता से मुलाकात की है. दरअसल, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान की वजह से कांग्रेस और टीएमसी के बीच दरारें सामने आई थीं. इसे पाटने के लिए अब पी चिदंबरम कोशश कर रहे हैं. 

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ममता से मिले चिदंबरम 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस और टीएमसी की दूरियां कम होने वाली है. ऐसा कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रियंका गांधी के लिए वायनाड सीट पर प्रचार में पूरी ताकत झोकेंगी. कल यानी गुरुवार को कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ममता बनर्जी से मुलाकात की थी. ये बैठक काफी सीक्रेट थी. इस सीक्रेट मीटिंग में चिदंबरम ने ममता से चुनाव प्रचार में उतरने का आग्रह किया था. हाल में बंगाल में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान के बाद टीएमसी और कांग्रेस के बीच दरार आई थी. चौधरी ने अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया था. 

जानें कांग्रेस-TMC में क्यों बढ़ी दूरियां

इस बार के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन में होते हुए भी ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का मन बनाया था. ममता ने राज्य में कांग्रेस से दूरी बनाई थी. उन्होंने एक सार्वजनिक भाषण में यहां तक कहा दिया कि राज्य में उसका नाता कांग्रेस से नहीं है. आप अगर कांग्रेस को वोट करते हैं तो इससे भाजपा को लाभ होने वाला है. इस घोषणा के बाद राज्य की सभी 42 सीटों पर टीएमसी ने अकेले चुनाव लड़ने का मन बनाया. उन्होंने कहा कि वह इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर उसका समर्थन करेंगी. लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने बेहतर प्रदर्शन किया है. पार्टी ने 42 में से 29 सीटों पर विजय प्राप्त की है. यहां पर भाजपा को 12 सीटें मिलीं.