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Income Tax: टैक्‍स से जुड़े नियमों में हुए बदलाव, रिर्टन भरने से पहले जानें नहीं तो रुक सकता है रिफंड

आईटीआर भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2024 है. टैक्स संबंधी नियमों में कुछ बदलाव हुए हैं, इसे जानकर ही आईटीआर भरें क्योंकि नए नियमों की अनदेखी का असर आपके इनकम टैक्स रिफंड पर पड़ सकता है.

Updated on: 19 Jun 2024, 07:59 PM

नई दिल्ली:

वित्त वर्ष 2024 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने का समय आ चुका है. आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2024 तय की गई है. इन सबके बीच हम आपके लिए एक अहम खबर लेकर आए हैं. टैक्स संबंधी नियमों में कई बदलाव हुए हैं, जिन्हें जानना हर टैक्सपेयर के लिए अहम है. अगर आप भी आईटीआर भरने वाले हैं तो नए नियमों को पहले समझ लें. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप इन नियमों की अनदेखी करेंगे तो आपके इनकम टैक्स रिफंड पर असर दिख सकता है. आइये सिलसिलेवार तरीके से हम आपको बताते हैं इन बदले हुए नियमों के बारे में…

टैक्‍स स्‍लैब और रेट में नए बदलाव
केंद्र सरकार ने 2024 में ऑप्शनल न्यू टैक्स रिजिम के तहत नए टैक्स स्लैब पेश किए. नए स्लैब किसी छूट और कटौती के बिना कम टैक्स रेट पेश करते हैं. न्यू टैक्स रिजिम पूरे प्रोसेस को काफी सरल बनाते हैं. हालांकि, इसमें अधिकांश कटौती खत्म हो जाती है. वहीं, ओल्ड टैक्स रिजिम के तहत आप अलग-अलग कटौती और छूट क्लेम कर पाएंगे. अब यह आप पर निर्भर है कि आपके लिए कौन सा रिजिम ज्यादा फायदेमंद है.  

पेंशनर्स के लिए स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन
सरकार ने पेंशन पाने वाले लोगों के लिए 50 हजार रुपये की स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन शुरू की है. पेंशन आय पर यह लागू होता है. यह सैलरी पाने वाले लोगों को मिलने वाले राहत के ही समान है. 

होम लोन लिए लोगों को अधिक छूट
नए होम लोन वाले टैक्‍सपेयर्स को पर्याप्त राहत देने के लिए पहली बार घर खरीदने वालों को धारा 80EEA के तहत होम लोन पर ब्याज के लिए 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त कटौती को बढ़ाया गया है.   

धारा 80C और 80D की लिमिट में भी चेंज
धारा 80C के तहत पीपीएफ, एनएससी और जीवन बीमा प्रीमियम में निवेश करके आप 1.5 लाख रुपये तक की छूट पा सकते हैं. वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल भुगतान और बचत को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए गए हैं. यह मेडिकल बीमा के लिए धारा 80डी के तहत बढ़ी सीमा में लागू होता है. अब आप अपने परिजनों और वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा की प्रीमियम पर हाई टैक्‍स डिडक्‍शन के लिए क्लेम कर सकते हैं.

फॉर्म में हुए यह बदलाव
इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में और खुलासे करने के लिए संशोधन किया गया है. विदेशी संपत्तियों और आय तथा बड़े लेन-देन के संबंध में खुलासा करने पर जोर दिया गया है और नियम में बदलाव किया गया है. विदेशी निवेश या फिर महत्वपूर्ण वित्तीय गतिविधियों से जुड़े लोगों को जुर्माने से बचाने के लिए अधिक जानकारी देनी होगी.