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Weather Updates: मौसम की मार से उत्तरी क्षेत्र को मिल सकती है राहत, IMD ने बताया- राजस्थान-MP में हो सकती है बारिश

देश इन दिनों मौसम की मार झेल रहा है. आईएमडी ने पश्चिमी तट वाले क्षेत्रों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने बताया है कि राजस्थान-एमपी में बारिश हो सकती है.

Updated on: 22 Jun 2024, 09:16 PM

नई दिल्ली:

Weather Updates: देश इन दिनों मौसम की मार झेल रहा है. कहीं लू का कहर जारी है तो कहीं बारिश से हालात बिगड़ गए हैं. इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को बताया कि दक्षिण उत्तर प्रदेश के मात्र कुछ ही इलाकों में अब लू की स्थिति है. आईएमडी ने पश्चिमी तट वाले क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का रेड अर्लट जारी किया है. आईएमडी ने आशंका जताई है कि महाराष्ट्र, केरल, गोवा और कर्नाटक में अगले चार से पांच दिन भारी से बहुत अधिक बारिश होगी. मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अब अनुकूल हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के कारण दिल्ली सहित अन्य उत्तर पश्चिमी राज्यों को राहत मिली है तो वहीं, भारी बारिश के कारण केरल के नौ जिलों में एनडीआरएफ को तैनात करना पड़ा गया है. महाराष्ट्र के पालघर जिले में भारी बारिश के चलते एक पुल डूब गया है तो वहीं, ठाणे में कई पेड़ गिर गए हैं. इसके अलावा, केरल में समय से पहले ही बारिश शुरू हो गई. पिछले माह बारिश के कारण राज्य में 11 लोगों की मौत हो गई.

जानें आपके प्रदेश का हाल
मौसम विभाग ने भारी बारिश की आशंका से तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, गोवा, कोंकण और माहे के लिए रेड अलर्ट जारी किया है तो वहीं, महाराष्ट्र, अंडमान और निकोबार, बंगाल और सिक्किम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है. विभाग के अनुसार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ इलाकों में बरसात होगी. बंगाल की खाड़ी से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार में तेज हवाएं चल सकती हैं. उत्तर-पश्चिम भारत में जारी गर्मी धीरे-धीरे खत्म हो रही है.

गर्मी से 143 लोगों की मौत
बता दें, इस साल गर्मी से अब तक रिकॉर्ड 143 लोगों की मौत हो चुकी है. हीटस्ट्रोक के कारण 41 हजार से अधिक लोग बीमार हुए. बता दें, यह आंकड़ा मात्र एक मार्च से 20 जून तक का ही है. यानी की करीब डेढ़ महीने में 143 लोगों ने गर्मी के कारण अपनी जान गंवाई है. मृतकों की संख्या में अभी भी इजाफा हो सकता है. ऐसा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि, हीटवेव संबंधी बीमारी और मौतों पर नजर रखन वाले नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के आंकड़े अब तक अपडेट नहीं हुए है. मसलन उनके रिकॉर्ड में अब तक कई राज्यों के आंकड़े अपडेट नहीं हैं.  

प्रचंड गर्मी का यह है मुख्य कारण
गर्मी बढ़ने का मुख्य कारण है- क्लाइमेट चेंज. ग्लोबल वार्मिंग के कारण सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के शहर प्रचंड गर्मी की चपेट में हैं. दुनिया भर में इन दिनों तापमान बढ़ा हुआ है. यहां तक की लंदन में भी इस साल हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. ग्लोबल वार्मिंग के अलावा, अल नीनो के कारण भी प्रचंड गर्मी के हालात बने हुए हैं. अल नीनो से हवाएं उल्टी बहती हैं. महासागर के पानी का तापमान भी बढ़ जाता है. अल नीनो पूरे विश्व के मौसम को प्रभावित करता है. इससे तापमान में भी बढ़ोत्तरी हो रही है.