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किसान आन्दोलन में खालिस्तान समर्थक संगठनों की घुसपैठ का मसला कोर्ट में कैसे उठा

SG तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इस मसले को लेकर दायर एक अर्जी में इसका जिक्र है, दरअसल ये अर्जी CIFA नाम के एक संगठन की थी, जो कृषि क़ानूनों का समर्थन कर रहा है. इसी बीच पूर्व ASG पीएस नरसिम्हा ने कहा कि वो CIFA नाम के एक संगठन की ओर से इस मामले

Written By : अरविंद सिंह | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 12 Jan 2021, 05:03:51 PM
Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट (Photo Credit: फाइल )

नई दिल्ली :

आज कोर्ट में केंद्र  सरकार की ओर से अटॉनी जनरल के के वेणुगोपाल ने साफ़  कहा कि किसान के प्रदर्शन में खालिस्तानी भी घुसपैठ कर चुके है. कोर्ट ने सरकार से  इस पर लिखित में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वो कल तक इस पर आईबी की रिपोर्ट के साथ  हलफनामा दायर करेंगे. दरअसल सुनवाई के दौरान ये  मसला तब आया जब सीनियर वकील हरीश साल्वे ने कहा कि कुछ प्रतिबंधित संगठन भी प्रदर्शन को फंडिंग कर रहे है. चीफ जस्टिस ने इस पर पूछा कि क्या किसी ने इस पर कुछ फ़ाइल भी किया है.

इस पर SG तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इस मसले को लेकर दायर एक अर्जी में इसका जिक्र है, दरअसल ये अर्जी CIFA नाम के एक संगठन की थी, जो कृषि क़ानूनों का समर्थन कर रहा है. इसी बीच पूर्व ASG पीएस नरसिम्हा ने कहा कि वो CIFA नाम के एक संगठन की ओर से इस मामले में कृषि क़ानून के समर्थन में अर्जी  दाखिल करना चाहते है. इस अर्जी में आरोप लगाया था कि सिख फ़ॉर जस्टिस जैसे कुछ संगठन भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए है. नरसिम्हा ने दलील दी कि ऐसे संगठन पैसा इकट्ठा कर रहे है ताकि प्रदर्शन को फंडिंग की सके.

चीफ जस्टिस ने  इस पर सरकार के सबसे बड़े लॉ अफसर अटॉनी जनरल के के  वेणुगोपाल से सीधा सवाल पूछा कि इस अर्जी में ये आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रतिबंधित संगठन इस प्रदर्शन को फंडिंग कर रहे है. आप इसे स्वीकार करते है या इंकार करते है? AG ने जवाब दिया- हमें पता चला है कि इस प्रदर्शन में खालिस्तानी घुसपैठ हो चुकी है. AG ने आगे गणतंत्र दिवस पर  किसानों के प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च पर रोक की अर्जी के समर्थन में अपनी दलील बढाते हुए कहा कि 26 जनवरी को कड़ी सुरक्षा रहती है.

उस दिन शहर के अंदर एंट्री की बहुत सावधानीपूर्वक मॉनिटर होती है. उस दिन इतनी बड़ी तादाद में लोगों की दिल्ली में एंट्री का कोई मतलब नहीं.एक बार उन्हें शहर आने की इजाज़त मिल गई, वो कहां जायेंगे, हम नहीं जानते. कोर्ट ने कहा- ये आपकी पुलिस  के अधिकार  क्षेत्र में आता है कि आप चेक करें कि जो लोग आ रहे है वो हथियारबंद है या नहीं. 

कोर्ट  ने फिर से AG से  कहा कि अगर ये आरोप है कि इस आन्दोलन के अन्दर प्रतिबंधित  सगठनो की एंट्री है. कोई इस बात को रिकार्ड पर लाकर आरोप लगा रहा है. तो आपको इसकी पुष्टि करनी होगी. आप कल तक इसको लेकर हलफनामा दाखिल करें. AG ने इस पर कहा कि कल तक वो इस पर हलफनामा दायर करेंगे .साथ ही ज़रूरी IB रिपोर्ट भी दायर करेंगे. कोर्ट ने आगे  कहा कि शहर के अंदर किस को एंट्री मिले , ये देखना पुलिस का काम है. कोर्ट इसमे दखल नहीं देगा.

First Published : 12 Jan 2021, 05:03:51 PM

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