/newsnation/media/post_attachments/images/2020/05/13/jayveershergill-56.jpg)
कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल( Photo Credit : File Photo)
कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की ओर से आर्थिक पैकेज के ब्यौरे की जानकारी दिए जाने से पहले बुधवार को कहा कि उसे यह उम्मीद है कि यह पैकेज भाजपा की पहले की कई बड़ी घोषणाओं और वादाखिलाफी की तरह नहीं होगा. पार्टी प्रवक्ता जयवीर शेरगिल (Jayveer Shergill) ने यह भी कहा कि सभी जनधन खातों में 7500 रुपये डाले जाने के बाद जनता को सरकार की घोषणा पर विश्वास होगा.
यह भी पढ़ें : चीन के धमकाने पर ही WHO ने सही समय पर जारी नहीं की कोरोना की चेतावनी, रिपोर्ट में खुलासा
उन्होंने एक बयान में आरोप लगाया, ‘भाजपा जनता को टोपी पहनाने और दिन में तारे दिखाने में माहिर है.’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज, भाजपा की वादाखिलाफी का एक और उदाहरण साबित नहीं होगा.’
शेरगिल के मुताबिक उम्मीद की जाती है कि यह पैकेज उसी कारखाने में नहीं बना है जहां 15 लाख रुपये का वादा किया गया था, गंगा की सफाई का वादा किया गया था, दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था और कालाधन वापस लाने का वादा किया गया था. जनता अब तभी विश्वास करेगी जब हर जनधन खाते में 7500 रुपये डाल दिए जाएंगे.
उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा, ‘‘ इस बार जनता को ठगा नहीं जाएगा और वित्त मंत्री की ओर से घोषित पैकेज और प्रधानमंत्री के शब्दों में तालमेल होगा और कथनी एवं करनी में अंतर नहीं होगा.’’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी. वित्त मंत्री बुधवार को इसका विवरण देश के समक्ष रख सकती हैं.
यह भी पढ़ें : Covid-19 : चीन पर प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस में विधेयक पेश
इससे पहले कांग्रेस नेता और राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के ऐलान की सराहना की. साथ ही उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए थे. दरअसल सचिन पायलट का कहना है कि सभी राज्यों में एक तरह का लॉकडाउन हो, ये मुमकिन नहीं है. ऐसे में सभी राज्यों को लॉकडाउन के दौरान गतिविधियां तय करने की छूट दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा, ये साफ हो चुका है कि लॉकडाउन 4.0 होगा. कितने दिनों का होगा और किन नियमें के साथ होगा इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है.
Source : Bhasha