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अयोध्या विवाद मामले में अहम सुनवाई- PTI
अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि उनके पास समय नहीं है इसलिए इस मामले में सुनवाई जल्दी नहीं हो सकती।
शुक्रवार को अहम सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बीजेपी नेता और याचिकाकर्ता सुब्रह्मण्यम स्वामी की अपील को ठुकराते हुए कहा कि हमें ये मालुम नहीं था कि आप इस मामले में पक्षकार नहीं है। इसलिए पिछली बार आपकी दलील सुन ली थी।
बता दें कि 21 मार्च को पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से इस मामले को बातचीत के ज़रिए सुलझाने को कहा था। साथ ही चीफ़ जस्टिस ने ये भी कहा था कि अगर ज़रुरत हुई तो वो ख़ुद भी मध्यस्थता कराने के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर बातचीत से हल नहीं निकलता है तो फिर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगी।
Supreme court bench to Subramanian Swamy: "What is your locus standi in the case? We don't have time to hear you now #RamTemple
— ANI (@ANI_news) March 31, 2017
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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा, 'ये मामला धर्म और आस्था से जुड़ा हुआ है और दोनों पक्ष आपस में बैठ और बातचीत के जरिए हल निकालने की कोशिश करें। अगर दोनों पक्षो को लगता है तो वो खुद मध्यस्थता कराने के किये तैयार हैं।'
कोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी को कहा था कि वो 31 मार्च को मामले की सुनवाई के लिए फिर से मेंशन करें।
दरअसल सुब्रमण्यम स्वामी ने अयोध्या मामले को निबटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि राम मंदिर विवाद का मामला पिछले 6 साल से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को रोजाना सुनवाई कर जल्द फैसला सुनाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि इस मामले में बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है और इसका समाधान कोर्ट के फैसले से ही निकाला जाना चाहिए।
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Source : News Nation Bureau