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Hathras: पीड़िता के पिता और दोनों भाई से CBI ने करीब 6 घंटे की पूछताछ

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार से ये भी पूछा था कि जब हाथरस के SP को सस्पेंड किया गया, तब DM को क्यों नहीं सस्पेंड किया गया. कोर्ट ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इसपर एक निष्पक्ष निर्णय लेगी.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 14 Oct 2020, 01:39:04 PM
CBI investigation in Hathras case

हाथरस मामला (Photo Credit: न्यूज नेशन)

हाथरस :

हाथरस केस की जांच सीबीआई कर रही है. मंगलवार को सीबीआई टीम बुलगढ़ी गांव पहुंची. जहां पर घटना हुई थी. सीबीआई ने वहां का मुआयना किया. साथ ही पीड़ित परिवार से पूछताछ की. वहीं, इस दौरान सीबीआई ने घनास्थल पर पीड़ित की मां को लेकर जाकर पूछताछ की और घटना वाली जगह की वीडियोग्राफी की. बता दें कि मामले में सीबीआई जांच का आज दूसरा दिन है.

 

 

सीबीआई ने आज दूसरे दौर का मैराथन पूछताछ किया. करीब साढ़े 6 घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने पीड़िता के पिता और दोनो भाई को गांव के लिए किया रवाना

अंतिम दौर में पहुंचने वाली है हाथरस हत्याकांड पर गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच. पीड़ित और आरोपी परिवार वालों से पहले ही हो चुकी है पूछताछ और अब उन 40 लोगों से भी पूछताछ अंतिम दौर में चल रही है, जो या तो प्रत्यक्षदर्शी के रूप में गांव में 14 सितंबर को मौजूद थे या फिर इस केस की जांच से जुड़े हुए रहे हैं.

पीड़ित परिवार के पूरुष सदस्यों के साथ सीबीआई की टीम कैंप दफ्तर अलीगढ़ रोड के लिए रवाना. अलीगढ़ रोड स्थित कृषि विभाग के उपनिदेशक को बनाया गया है सीबीआई के तरफ से कैंप कार्यालय.

मृतक पीड़िता के पिता ने कहा


हमने एसडीएम संहिता से अपील की है कि प्रशासन हमारे बिजली का बिल माफ कर दे. हम किश्तों में बिजली का बिल चुका रहे थे, लेकिन हमारी बेटी के साथ हुई घटना के बाद हमारे बच्चों की नौकरी छूट गई है. इस वजह से हम पैसे चुकाने में फिलहाल असमर्थ है, इसलिए बिजली विभाग से अपील है कि वह बिजली के बिल को माफ करें.

एसडीएम अंजलि गंगवार का बयान


अभी तक सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार आज पीड़िता के पिता और दोनों भाइयों से लंबी पूछताछ की जाएगी. जिन्हें अलीगढ़ रोड पर स्थित कृषि विभाग के उप निर्देशक निर्देशक ले लेकर जाया जाएगा, लेकिन परिवार के महिला सदस्यों जैसे पीड़िता की मां और भाभी से सीबीआई की टीम घर पर आकर ही पूछताछ करेगी, फिलहाल सीबीआई की तरफ से कहा गया है कि वह महिला सदस्यों को कैंप ऑफिस नहीं बुलाएंगे.

पीड़िता की छोटे भाई ने कहा


मेरी मां की तबीयत अब ठीक है. उनका ईसीजी और एक्स-रे कल हुआ था. कल ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था, लेकिन फिर भी अगर सीबीआई वाले उन्हें बुलाएंगे या जांच के लिए आएंगे तो हम पूरा सहयोग करेंगे. कल मौका ए वारदात पर हम से जानकारी ली गई. जिसमें हम ने बताया कि मां थोड़ी दूर थी तकरीबन 70 मीटर, जब बहन के चिल्लाने की आवाज के बाद मां उनके पास पहुंची. तब कोई भी मौजूद नहीं था, खेत में अकेले मेरी बहन थी घायल अवस्था में..जिसे हम पहले पुलिस थाने लेकर गए थे और कोई प्रत्यक्षदर्शी मेरी मां से पहले नहीं पहुंचा था.

पीड़िता के बड़े भाई का बयान


कल मुझे सीबीआई की टीम अपने साथ उनके कैंप ऑफिस लेकर गई थी. जहां मैं तकरीबन 4 घंटे रहा. मुझसे कोई सवाल जवाब नहीं किए गए, सिर्फ मेरा नाम पता और अन्य दस्तावेज पूछे गए. हमारे साथ हमारी बहन की अस्थियां थी, बहन की चप्पल और कुछ अन्य सामान. अगर दोबारा सीबीआई वाले बुलाते हैं तो मैं जाऊंगा, जांच में पूरा सहयोग करूंगा. मुझे उम्मीद है कि अब इस जांच से हमें इंसाफ मिलेगा.

मृतक पीड़िता के पिता का दर्द


मेरी बेटी के साथ 14 सितंबर यानी आज से ठीक 1 महीने पहले दरिंदगी हुई थी. मुझे आज भी वह दिन याद है बात करते हुए पिता रो पड़े बोले , जिस दिन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बेटी की मौत हुई, 4:30 बजे मैंने सिर्फ एक आवाज सुनी पापा. मैं चाहता हूं कि बेटी के हत्यारों को सजा मिले और हमें इंसाफ सीबीआई की जांच से हमें सच बाहर आने की उम्मीद है.

सीबीआई की एक टीम हाथरस अपने अस्थायी कार्यालय पहुंची. साथ में फोरेंसिक टीम के सदस्य मौजूद.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पीड़िता के तीन भाइयों को समन जारी कर आज पूछताछ के लिए फिर से बुलाया.


सूत्रों के अनुसार सीबीआई आरोपियों को जल्द अलीगढ़ जेल जाकर पूछताछ कर सकती है. आरोपियों को रिमांड पर भी ले सकती है सीबीआई.  वंहीं, घटना के बाद जिन डॉक्टरों ने पीड़िता का किया इलाज उन डॉक्टरों से भी हो सकती है पूछताछ.

हाथरस में सीबीआई ने उप कृषि निदेशक कार्यालय को अपना कैम्प कार्यालय बनाया. कृषि विभाग की बिल्डिंग में एक हॉल और एक रूम को अधीकृत किया. देर रात सीबीआई टीम अपने अस्थाई कार्यालय पर अपना ताला लगाया. आज दिनभर इसी कार्यालय से सीबीआई अपना कार्य करेगी. मामले से जुड़े पुलिस कर्मियों और लोगों से पूछताछ करेगी.

हाथरस कांड की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार से ये भी पूछा था कि जब हाथरस के SP को सस्पेंड किया गया, तब DM को क्यों नहीं सस्पेंड किया गया. कोर्ट ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इसपर एक निष्पक्ष निर्णय लेगी. कोर्ट ने कहा कि जब अंतिम संस्कार में DM की भी भूमिका थी ऐसे में उन्हें हाथरस में बनाए रखना कितना उचित है. जवाब में ACS Home ने कहा कि सरकार मामले के इस पहलू को देखेगी और निर्णय लेगी.

First Published : 14 Oct 2020, 08:38:48 AM

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